जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI रंजन गोगोई बोले - जरूरत पड़ी तो मैं जाऊंगा कश्मीर

सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद जम्मू-कश्मीर जा सकता हूं। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि आखिर जम्मू-कश्मीर में हालात को सामान्य करने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

जम्मू-कश्मीर का हालातों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मैंने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से एक रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट को देखने के बाद अगर मुझे लगा कि वहां जाना चाहिए तो मैं खुद वहां जाऊंगा। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि आखिर जम्मू-कश्मीर में हालात को सामान्य करने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं उसकी जानकारी दी जाए।

इतना ही नहीं सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार से कहा है कि जल्द से जल्द राज्य में सामान्य जीवन बहाल किया जाया। कोर्ट ने साथ ही कहा है कि ऐसा करते समय राष्ट्रीय सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाए। बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।

इस दौरान कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार को एक नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब 30 सितंबर तक देना होगा। इस मामले पर अब अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।

वहीं सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि मीडिया पेशेवरों को उनके काम के लिए लैंडलाइन और कई अन्य संचार सुविधाएं प्रदान की जा रही है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अखबार छपने लगे हैं और कई चैनल भी चल रहे हैं।

दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर, जम्मू, अनंतनाग और बारामुला जाने की अनुमति दे दी है। इससे कि वह अपने क्षेत्र के लोगों का हालचाल ले सकें। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि आजाद इस दौरान कोई भाषण नहीं देंगे और न ही कोई सार्वजनिक रैली करेंगे। जैसा की उन्होंने कहा था।

इसे भी पढ़ें: गुलाम नबी आजाद को सुप्रीम कोर्ट ने दी जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत, इन जिलों का कर सकेंगे दौरा

बता दें कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म किए जाने को चुनौती देने समेत इससे जुड़ी करीब 8 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इन याचिकाओं में अनुच्छेद 370 खत्म करने, क्षेत्र में राष्ट्रपति शासन की वैधता और वहां लगाई गई पाबंदियों को चुनौती दी गई है।

इसे भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला PSA के तहत गिरफ्तार, 2 साल तक रहेंगे जेल में?

Published: 16 Sep 2019, 1:30 PM
लोकप्रिय