गणतंत्र दिवस पर किसान निकाल पाएंगे ट्रैक्टर मार्च? सुप्रीम कोर्ट ने इस पर क्या कहा है, पढ़िये

ट्रैक्टर रैली को लेकर नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'किसी भी रैली को आयोजित करने से पहले एक लिखित सूचना दी जाती है, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की शर्तों के मुताबिक रैली का आयोजन होता है। लेकिन, किसान संगठनों की तरफ से ऐसी कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है।

फोटो: Getty Images
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पवन नौटियाल

केंद्र में बैठी मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को देश में लागू हुए अभी साढ़े तीन महीने ही हुए थे कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने इसपर रोक लगा दी है। वजह देश में लगातार हो रहे विरोध, किसान आंदोलन और इस कानून से बड़े-बड़े बिजनेस मैन को हो रहा फायदा था। जब से ये कानून देश में लागू हुआ था तब से देश का अन्नदाता सड़कों पर उतर आया था। जिसका नतीजा ये हुआ कि आज सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने इसके साथ ही इस मामले को सुलझाने के लिए कमेटी का गठन भी किया है। जिसमें 4 सदस्यों को शामिल किया गया है।

किसानों के ट्रैक्टर रैली को लेकर भी हुई सुनवाई

आज से कुछ दिन पहले चलिए और याद कीजिए कैसे अगल-अलग राज्यों से किसानों की ट्रैक्टर रैली की जबरदस्त तस्वीरें आई थी। ये तस्वीरें पूरे देश ने देखी थी। इस ट्रैक्टर रैली रिहर्सल को 26 जनवरी हो होने वाले ट्रैक्टर रैली का ट्रेलर बताया गया। किसानों को मिल रहे देशवासियों के इस साथ से मोदी सरकार भी घबरा गई और केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर किसानों की ट्रैक्टर रैली पर रोक लगाने की अपील की। आज कोर्ट में इस ट्रैक्टर रैली को लेकर भी बहस हुई।

सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को नोटिस किया जारी

दरअसल दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर रैली पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने किसान संगठनों को नोटिस भेजा है। यह नोटिस 26 जनवरी पर किसान संगठनों की तरफ से प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को लेकर जारी किया गया। इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'किसी भी रैली को आयोजित करने से पहले एक लिखित सूचना दी जाती है, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन की शर्तों के मुताबिक रैली का आयोजन होता है। लेकिन, किसान संगठनों की तरफ से ऐसी कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है। साथ ही हम अपने आदेश में यह भी कहेंगे कि किसान संगठन दिल्ली में रामलीला मैदान या किसी अन्य स्थान पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पास आवेदन कर सकते हैं।'

केंद्र द्वारा दिए गए हलफनामे में क्या कहा गया था ?

आवेदन में कहा गया था कि इस तरह के मार्च अथवा रैली के कारण गणतंत्र दिवस उत्सव में व्यवधान पैदा हो सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में शीर्ष अदालत से किसी भी तरह के मार्च, रैली अथवा वाहन रैली को रोकने के संबंध में अनुरोध किया जाता है।

योगेंद्र यादव ने किया था ट्रैक्टर मार्च का ऐलान

5 जनवरी को किसान नेता योगेंद्र यादव ने ऐलान करते हुए कहा था कि 7 जनवरी सुबह 11 बजे एक्‍सप्रेस वे पर किसान चार तरफ से ट्रैक्‍टर मार्च करेंगे। ये ट्रैक्‍टर मार्च कुंडली बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर से पल्लवल की तरफ, रेवासन से पल्लवल की तरफ होगा। योगेंद्र यादव ने बताया था कि 26 जनवरी को देश जो ऐतिहासिक गणतंत्र परेड देखने वाला है उसका एक ट्रेलर 7 जनवरी को दिखाई देगा। कल से दो हफ़्ते के लिए पूरे देश में देश जागरण का अभियान चलेगा।

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