सुषमा स्वराज: सबसे कम उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने वाली नेता, 7 बार रहीं सासंद

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं रहीं। 67 वर्ष की उम्र में उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फाइल फोटो
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नवजीवन डेस्क

सबसे कम उम्र में बन गई थी कैबिनेट मंत्री

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हुआ था। महज 25 बरस की उम्र में उन्होंने 1977 में पहला चुनाव लड़ा था और विजयी रही थीं। उन्हें हरियाणा की तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद दिया गया था। उस समय वे सबसे कम उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने वाली महिला बनी थीं। वह 1977 से 1979 तक सामाजिक कल्याण, श्रम और रोजगार जैसे 8 मंत्रालयों की प्रभारी रहीं। इसके बाद 27 साल की उम्र में 1979 में वह हरियाणा में जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष बनी थीं।

इसके अलावा सुषमा स्वराज किसी भी राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी की पहली महिला प्रवक्ता बनी थीं। इसके अलावा सुषमा स्वराज विपक्ष की पहली महिला नेता थीं। इंदिरा गांधी के बाद सुषमा स्वराज दूसरी ऐसी महिला थीं, जिन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला था।

कुल 11 बार चुनाव लड़ा, 7 बार सांसद रहीं

बीते चार दशकों में वे 11 चुनाव लड़ीं, जिसमें तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़ीं और जीतीं. सुषमा सात बार सांसद रह चुकी थीं। सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। उन्हें हरियाणा की देवीलाल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं।

दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं

नब्बे के दशक में सुषमा राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गईं। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। 1998 में उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि, इसके बाद हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी चुनाव हार गई। पार्टी की हार के बाद सुषमा ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी और राष्ट्रीय राजनीति में लौट आईं।

1999 में बेल्लारी सीट पर सोनिया गांधी से किया था मुकाबला

1996 में हुए लोकसभा चुनाव में सुषमा दक्षिण दिल्ली से सांसद बनी थीं। इसके बाद 13 दिन की वाजपेयी सरकार में उन्हें केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनाया गया। मार्च 1998 में दूसरी बार वाजपेयी सरकार बनने पर वे एक फिर से सूचना प्रसारण मंत्री बनीं। 1999 में उन्होंने बेल्लारी लोकसभा सीट पर सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन वे यहां हार गईं।

2014 से 2019 तक विदेश मंत्री रहीं

सुषमा स्वराज 2009 और 2014 में मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा चुनाव जीतीं। 2014 से 2019 तक वे विदेश मंत्री रहीं और दुनिया भर में भारतीयों को उन्होंने एक ट्वीट पर मदद मुहैया कराई। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। बीजेपी की जीत के बाद माना जा रहा था कि वे दोबारा विदेश मंत्री बनेंगी, लेकिन उन्होंने खराब सेहत के चलते मंत्री पद नहीं लिया।

Published: 7 Aug 2019, 12:25 AM
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