त्योहारों से पहले पुणे में स्वाइन फ्लू की बढ़ाई चिंता, पिंपरी-चिंचवड में 37 मरीज संक्रमित, लोगों से सावधानी बरतने की सलाह

पिंपरी-चिंचवड में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। जनवरी में एक, जुलाई में पांच और अगस्त में 31 मरीज सामने आए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले पुणे के पिंपरी-चिंचवड से स्वाइन फ्लू को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। शहर में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली है। जनवरी में एक, जुलाई में पांच और अगस्त में 31 मरीज सामने आए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है।

नगर प्रशासन ने शहरवासियों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की है। खासकर गणेशोत्सव के दौरान अधिक भीड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें और बाहर से आने के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं।

पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 में पिंपरी-चिंचवड में स्वाइन फ्लू के 58 मामले सामने आए थे। अगस्त में ही 34 मरीज मिले थे। वहीं 2024 में 15 लोग स्वाइन फ्लू से संक्रमित हुए थे। इन आंकड़ों को देखते हुए फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है, लेकिन संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है?

स्वाइन फ्लू को H1N1 फ्लू भी कहा जाता है। यह इन्फ्लुएंजा-ए वायरस से होने वाली सांस से जुड़ी बीमारी है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से वायरस दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।

संक्रमित व्यक्ति बीमारी के शुरुआती दिनों में दूसरों को संक्रमित कर सकता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

स्वाइन फ्लू के क्या हैं लक्षण?

स्वाइन फ्लू होने पर आमतौर पर बुखार, सर्दी, खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा गले में दर्द, नाक बहना, आंखों से पानी आना, सिरदर्द, दस्त और ज्यादा थकान भी हो सकती है। कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर होकर निमोनिया का कारण भी बन सकता है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?

बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय, किडनी, लिवर या सांस से जुड़ी बीमारी वाले लोगों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति में H1N1 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे खुद को दूसरों से अलग रखना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवाइयां लेने से बचना चाहिए।