पुणे में आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर तनाव, दो गुटों झड़प और पत्थरबाजी, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

भीड़ ने पोस्ट करने वाले युवक के घर पर पथराव कर दिया। विवाद ने एक हिंसक झड़प का रूप ले लिया। उग्र भीड़ ने दूसरे समुदाय की अवसंरचनाओं और संपत्तियों में तोड़फोड़ की, पथराव किया, एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी और सड़क पर टायर जलाकर नारेबाजी शुरू कर दी।

पुणे में आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर तनाव, दो गुटों झड़प और पत्थरबाजी, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
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नवजीवन डेस्क

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महाराष्ट्र के पुणे में दो गुटों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। यह मामला पुणे की दौंड तहसील के यवत गांव का है, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट करने के बाद शुरू हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए आना पड़ा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।

यह घटना पुणे ग्रामीण के दौंड तालुका स्थित यवत गांव की है, जहां दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों गुट के लोगों की ओर से पथराव किया गया और टायर जलाए गए। व्हाट्सएप पर एक आपत्तिजनक पोस्ट से यह विवाद शुरू हुआ। एक युवक ने कथित तौर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किया। इसके बाद गांव के लोग धीरे-धीरे सड़कों पर आ गए और दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए।


इसके बाद भीड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले युवक के घर पर पथराव कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद इसने एक हिंसक झड़प का रूप ले लिया। उग्र भीड़ ने दूसरे समुदाय की अवसंरचनाओं और संपत्तियों में तोड़फोड़ की, पथराव किया और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी। उग्र भीड़ ने सड़क पर टायर जलाकर नारेबाजी शुरू कर दी।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। फिलहाल, यवत गांव में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक (पुणे ग्रामीण) संदीप सिंह गिल ने घटनास्थल का दौरा किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

अधिकारी ने बताया, ‘‘उग्र भीड़ ने दूसरे समुदाय की अवसंरचनाओं और संपत्तियों में तोड़फोड़ की, पथराव किया और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी। भीड़ को तितर-बितर करने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए हमें आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिस युवक ने यह पोस्ट अपलोड की थी, उसे हिरासत में ले लिया गया है।’’ उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

इससे पहले, महाराष्ट्र के नागपुर में भी इसी वर्ष मार्च में दो समुदायों के बीच एक हिंसक झड़प की बड़ी घटना देखने को मिली थी। इसके बाद पुलिस को कर्फ्यू लगाकर स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा। इस हिंसा में घरों और गाड़ियों को निशाना बनाया गया था और पुलिस टीम पर भी हमला हुआ था।

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