पारंपरिक राजनीतिक तरीकों से नहीं किया जा सकता BJP-RSS का मुकाबला, प्रतिरोध ही सबसे प्रभावी राजनीतिक हथियार: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस का मुकाबला पारंपरिक राजनीतिक तरीकों से नहीं किया जा सकता। विपक्ष को अब पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों से आगे बढ़कर नई रणनीति अपनानी होगी।

फोटो: सोशल मीडिया
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INDIA गठबंधन की हालिया बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के सामने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दृष्टिकोण रखा। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद दिए गए उनके सबसे अहम संदेशों में से एक माने जा रहे इस संबोधन में उन्होंने कहा कि बीजेपी को चुनौती देने के लिए विपक्ष को पुराने राजनीतिक तौर-तरीकों से आगे बढ़कर नई रणनीति अपनानी होगी।

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस का मुकाबला पारंपरिक राजनीतिक तरीकों से नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में विपक्ष को चुनावी राजनीति से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की रक्षा के लिए व्यापक जन-प्रतिरोध खड़ा करना होगा।

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरूआत सभी लोगों के स्वागत के साथ की। राहुल गांधी ने कहा कई साल पहले मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त से बहस हुई थी। मैंने उससे कहा, जो तुम कर रहे हो वो बिल्कुल अनफेयर है। उसका जवाब था दुनिया ही अनफेयर है। अब इसकी आदत डाल लो। राहुल गांधी ने कहा कि आज यहां कांग्रेस पार्टी के बारे में जो कुछ भी कहा गया, उसका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम शिव परंपरा को अपनाना है। सब कुछ निगल जाना। नीले कंठ वाले शिव की तरह, जो सारा जहर पी जाते हैं। आप चाहे जितनी भी मेरी या कांग्रेस की आलोचना करनी हो करो, हम उसे खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे।

हम आपको खुश करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका आपकी भूमिका से बुनियादी तौर पर अलग है। और यह मैं अहंकार से नहीं कह रहा हूं। मेरी भूमिका आप सबको प्यार और स्नेह से जोड़ने की है। मैं 2004 से कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं, जब मैंने अपना पहला चुनाव लड़ा था। हमारी पार्टी भारत की दूसरी सभी पार्टियों से बुनियादी तौर पर अलग तरीके से संगठित है। और मैं यह विनम्रता से कह रहा हूं। क्यों? क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत अस्तित्व में भी नहीं था। अन्य सभी पार्टियों के विपरीत, इसे भारतीय राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर खड़ा नहीं किया गया था। कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है, जो इस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय बराबर हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि हम RSS की सोच के बिल्कुल खिलाफ हैं। हम मर जाएंगे, कांग्रेस पार्टी में मर जाएंगे, लेकिन BJP या RSS के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। इसके लिए हमें हमारे सिर काटने पड़ेंगे। मुझे पता है कि इस देश में लाखों कांग्रेस कार्यकर्ता हैं जो कहेंगे हमारे सिर काट दो, हम RSS के सामने झुकेंगे नहीं। मुझे यह कहते हुए अफसोस है कि इस समूह में कुछ भ्रम है। भ्रम यह है कि आप में से कुछ - सपा, टीएमसी, आरजेडी आदि - अभी भी मानते हैं कि आपके पास जो राजनीतिक साधन हैं, वे अभी भी काम करेंगे। ये तभी काम करते थे जब भारतीय राज्य ने आपको निष्पक्ष मैदान दिया था। वह मैदान अब मौजूद नहीं है। बीजेपी चुनाव आयोग, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, सीबीआई और खुफिया एजेंसियों को नियंत्रित करती है। बीजेपी चुनाव आयोग तक को नियंत्रित करती है।

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि मेरे TMC में कई दोस्त हैं। वे मानते थे कि बंगाल में वे चुनाव जीत रहे हैं। मैं उन्हें बार-बार कहता रहा तुम सपनों की दुनिया में हो। मैंने गुजरात में देखा है, मध्य प्रदेश में देखा है, छत्तीसगढ़ में देखा है, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। फिर भी आपमें से कई अभी भी आश्वस्त नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी प्रतिरोध की पार्टी है। इसे भारतीय राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है। बल्कि, जितना ज्यादा भारतीय राज्य के संस्थान दबाए जाएंगे, कब्जाए जाएंगे, कांग्रेस पार्टी उतनी ही आक्रामकता से भारत के संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी। हम सभी कांग्रेस पार्टी के आदर्शों को साझा करते हैं। वे आदर्श क्या हैं? सत्य, अहिंसा और करुणा।

मुख्य मुद्दा क्या है? मुझे आपसे लड़ने में कोई रुचि नहीं है। आपसे लड़ने के लिए मुझे पागल होना पड़ेगा। क्योंकि आप हमारे सहयोगी हैं, आप हमारे दोस्त हैं, आप वे लोग हैं जिनसे हम प्रेम करते हैं। कृपया समझिए, हमने 2024 का चुनाव जीता था। हमने हारा नहीं था। आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गये? वह मेरी वजह से नहीं, कांग्रेस की वजह से नहीं गये। मैं आपको बताता हूं कि निकट भविष्य में वे कुछ औजार भी काम करना बंद कर देंगे, क्योंकि BJP और RSS भारतीय राज्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने 100 साल से ज्यादा पहले यही फैसला लिया था। 1927 से पहले हम एक राजनीतिक संगठन थे।

कांग्रेस सांसद ने कहा गांधी जी ने जब स्वराज की मांग की, हम प्रतिरोध आंदोलन बन गए। अगर राजनीतिक पार्टियां काम नहीं कर सकतीं, तो क्या काम कर सकता है? प्रतिरोध काम करता है। विरोध काम करता है। जहां हम प्रतिरोध करते हैं, वहां काम करता है। मैंने अपनी आंखों से देखा है। मैं इस देश में 4000 किलोमीटर पैदल चला। युवा प्रतिरोध करता है, तो काम करता है। आपको राजनीतिक ढांचा नहीं चाहिए। आपको नौकरशाही की जरूरत नहीं। आपको खुफिया एजेंसियों की जरूरत नहीं। आपको प्रतिरोध का कर्म करना होगा- अर्थात मैं प्रतिरोध करूंगा। मैं आपको नहीं रुकने दूंगा। यही अंत है। यह एक भावना है, संगठन नहीं। यह सोचने का तरीका है। और चाहे हम उसे पसंद करें या नहीं, हमें वहीं जाना होगा। माइंडसेट बदलना होगा। माइंडसेट अब यह होना चाहिए कि हम एक-दूसरे से नहीं लड़ेंगे। हम प्रेस को हम पर हमला करने का मौका नहीं देंगे। हम प्रतिरोध करेंगे।

आप सोच रहे हैं कि चुनौती अगला चुनाव जीतने की है। अगला चुनाव तो पहले ही जीत लिया गया है। कृपया समझिए, भारत की जनता में इतना गुस्सा है कि अगला चुनाव पहले ही खत्म हो चुका है। समस्या RSS द्वारा भारतीय राज्य के औजारों पर कब्जा है। समस्या यह है कि आपको जीतने के लिए निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं मिलेगा। इसलिए हमें प्रतिरोध मोड में जाना होगा। प्रतिरोध CBSE है। प्रतिरोध NEET है। प्रतिरोध है ग्रेट निकोबार। प्रतिरोध है भारत जोड़ो यात्रा। सुबह उठकर पूछो मैं आज प्रतिरोध कैसे करूं? और प्रतिरोध करो। मैं आपको गारंटी देता हूं, यह काम करेगा। मेरी नजर में, किसी भी तरफ से कोई भी आलोचना मैं खुशी से झेलने को तैयार हूं, क्योंकि मेरे लिए यह धार्मिक कर्तव्य है, आध्यात्मिक कर्तव्य है। यह अब राजनीति नहीं रही। इसलिए मैं आपको वादा करता हूं कि इस समूह को जोड़ने और सफल बनाने के लिए जितना भी अपमान सहने पड़ेंगे, मैं सहूंगा। आगे कैसे बढ़ें, यह बहुत सरल है। हमें एक खास विचार से दूर होना होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि ममता दी 100% तो नहीं, लेकिन 90% यकीन से कहती हैं कि उनका चुनाव चुराया गया। उद्धव जी 40% यकीन रखते हैं। मेरे भाई तेजस्वी 40% लेकिन सुनिए 100% यकीन रखिए चुनाव चुराये जा रहे हैं। अपने मन से सारे संदेह हटा दीजिए। समझिए कि सोशल मीडिया पर उपस्थिति बनाने में सालों लगते हैं। यह एक हफ्ते में ऑर्गेनिक नहीं होता। मेरे 1 करोड़ YouTube फॉलोअर्स हैं, लेकिन मेरा अकाउंट पूरी तरह दबाया गया है। अगर आप यह सोच रहे हैं कि सोशल मीडिया निष्पक्ष है और विपक्ष को सपोर्ट मिल रहा है, तो आप दूसरी दुनिया में जी रहे हैं। पूरा आर्किटेक्चर- मीडिया, सोशल मीडिया, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां सब इस सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए हैं। लेकिन यह सरकार टिक नहीं पाएगी। यह टिक नहीं पाएगी क्योंकि इसने हमारे लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है। इसने भारतीय लोगों के भविष्य को नष्ट कर दिया है।

अब जो आने वाला है (ईरान के बाद), वह अनियंत्रित है। और यह हमें जनता को संगठित करने का अवसर देगा। यह भी समझ लीजिए कि हम समन्वित नहीं हैं, साथ नहीं काम करते ये सब BJP और उनके मीडिया दोस्त फैला रहे हैं। यह सच नहीं है। मैं DMK की गारंटी ले सकता हूं कि भारत के विचार की रक्षा में हर कोई इस कमरे में खड़ा होगा। हमारे बीच झगड़े हैं, होंगे, लेकिन अगर आप मुझसे कहें कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाऊं, तो मैं नहीं कर सकता और नहीं करूंगा, क्योंकि मेरी उनसे राजनीतिक लड़ाई चल रही है।

हमें लचीला होना होगा और समझना होगा कि हम पर पूरा हमला है यह साबित करने के लिए कि विपक्ष कमजोर है, अव्यवस्थित है। अंत में, मुझे लगता है कि हमारी चर्चाओं में अक्सर उदासी छाई रहती है। लोग सोचते हैं ओह भगवान, हम BJP को कभी हरा पाएंगे? मैं आपको बताता हूं, अगर हम साथ खड़े होकर प्रतिरोध करें तो उन्हें हराना आसान है। पिछले चुनाव में इस कमरे में मेरे अलावा किसी को यकीन नहीं था कि हम BJP को हरा सकते हैं। अब इस कमरे में हर कोई यह विश्वास करना शुरू करे कि हम उन्हें हरा देंगे। इस विश्वास से शुरू कीजिए, और मैं गारंटी देता हूं राज्य दर राज्य, चुनाव दर चुनाव, चाहे वे धांधली करें या न करें, वे गिरेंगे।

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