कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, कहा- देश के इतिहास से जुड़े तथ्यों को बार-बार दोहराने की जरूरत नहीं

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि ‘टू-नेशन थ्योरी’ यानी दो-राष्ट्र सिद्धांत आरएसएस की विचारधारा से जुड़ा था। आरएसएस के वैचारिक गुरुओं ने इस विचार को आगे बढ़ाया।

फोटोः सोशल मीडिया
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आरएसएस को लेकर की गई टिप्पणी के समर्थन में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने संगठन पर तीखा हमला बोला। पवन खेड़ा ने आरएसएस के इतिहास और उसकी विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास से जुड़े तथ्यों को बार-बार दोहराने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस का संघ पर पलटवार

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि ‘टू-नेशन थ्योरी’ यानी दो-राष्ट्र सिद्धांत आरएसएस की विचारधारा से जुड़ा था। आरएसएस के वैचारिक गुरुओं ने इस विचार को आगे बढ़ाया। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तत्कालीन नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उन्होंने लिखित रूप में अंग्रेजों का समर्थन किया था।


कांग्रेस सांसद ने आरएसएस पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के काम में बाधा डालने, तिरंगे का विरोध करने और संविधान की प्रतियां जलाने जैसे आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास आरएसएस के खिलाफ इतिहास से जुड़े कई उदाहरण हैं। पवन खेड़ा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर आरएसएस बार-बार यह सुनना चाहता है कि वह ‘देश-विरोधी’ है, तो कांग्रेस यही कहेगी।

'जब श्रेय पीएम लेते हैं, तो सवाल भी उन्हीं से पूछे जाएंगे'

प्रधानमंत्री मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस आखिर किसकी आलोचना करेगी। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को ‘कठपुतली’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री खुद हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं और विदेशी नेताओं से मुलाकात करते हैं, इसलिए कांग्रेस प्रधानमंत्री पर ही सवाल उठाएगी।

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार टैरिफ और रूसी तेल समेत विभिन्न मुद्दों पर अमेरिका और चीन के सामने झुक रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले दावा किया जाता था कि प्रधानमंत्री ने युद्ध रुकवा दिया था लेकिन अब वही भूमिका कहां दिखाई देती है।


पीएम के विदेशी दौरों पर खेड़ा का वार

कांग्रेस नेता ने विदेश यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री की गतिविधियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं जबकि दूसरी तरफ भारतीय नागरिकों को विदेशों में लंबी कतारों और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। पवन खेड़ा ने सरकार से विदेश नीति और भारतीय नागरिकों के हितों को लेकर स्पष्ट जवाबदेही की मांग की।

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