आज देशभर में 'काला दिवस' मनाएगी कांग्रेस, पार्टी नेताओं से बदसुलुकी के विरोध में सरकार के खिलाफ आंदोलन आह्वान
कांग्रेस पार्टी ने आज (8 अक्टूबर 2026 को) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में देशभर में ‘काला दिवस’ मनाने और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के साथ बदसलूकी के विरोध में बृहस्पतिवार (आज) को ‘‘काला दिवस’’ मनाने का ऐलान किया है। इसके तहत राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों को भेजे पत्र में कहा कि पार्टी की सभी राज्य, जिला और ब्लॉक/मंडल इकाइयां आठ अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन आयोजित करें।
पत्र में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया और कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया।
कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के साथ ‘‘बदसलूकी’’ की गई तथा लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई नेता घायल हो गए। वेणुगोपाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर यह कार्रवाई ‘‘संविधान पर हमला’’ है और इसलिए कांग्रेस ने इस दिन को भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘‘काला दिवस’’ घोषित किया है।
पार्टी ने सभी प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को तत्काल प्रभाव से निर्देशों का पालन करने को कहा है।
बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने बीच में ही जबरन रोक दिया। इसके विरोध में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई में कई सांसद और नेता वहीं सड़क पर बैठ गए।
सड़क पर धरने के दौरान अचानक पुलिस वालों की भीड़ ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को धक्का दिया और घसीटकर खींचने लगे। इस दौरान राहुल गांधी वहीं गिर गए। इसके बाद चारों ओर से पुलिस वालों ने उन्हें जबरन घसीटते हुए उठाकर बस में ले जाकर डाल दिया। राहुल गांधी को हिरासत में लिये जाने के बाद कई कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैवलर की छत चढ़ गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। मौके पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच काफी देर तक नारेबाजी होती रही।
इसके बाद बारी आई महिला सांसदों के साथ विरोध में सड़क पर लेटीं प्रियंका गांधी की। दिल्ली पुलिस की महिला जवानों ने एक-एक कर महिला सांसदों को जबरन घसीटते और खींचते हुए उन्हें वहां से हटाया। इसके बाद पुलिस ने हाथ में संविधान लेकर लेटी हुई प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी शुरू की। उनको चारों ओर से पुलिस ने घेरकर शरीर के हर जगह खरोंचते हुए वहां से जबरन उठाया और बस में डाल दिया।
इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में शामिल हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि चुनाव आयोग की मनमानी और मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा देश खड़ा है और उनका इस्तीफा मांग रहा है। लेकिन जो लोग लोकतंत्र बचाने की कोशिश कर रहे हैं, अमित शाह की पुलिस उन्हें ही गिरफ्तार कर रही है। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों, खरगे जी, राहुल जी और प्रियंका जी के साथ आतंकवादियों जैसा सुलूक किया जा रहा है। इसके लिए देश की जनता नरेंद्र मोदी को माफ नहीं करेगी। ये आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। हम सड़क से संसद तक आवाज उठाएंगे।"
हिरासत से रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। उन्होंने कहा कि सरकार और निर्वाचन आयोग विपक्ष की आवाज को दबा सकते हैं, लेकिन जनता की इच्छा को नहीं रोक सकते।
प्रदर्शन से पहले जनपथ में हुए लंच में कांग्रेस, टीएमसी, सीपीआई(एम), आरजेडी और आईयूएमएल सहित कई दलों के नेता शामिल हुए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि सभी दल वोट चोरी, मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) और परिसीमन के मुद्दे पर पूरी तरह से एकजुट हैं।
