UP: गाजीपुर में गंगा खतरे के निशान के पार; पोस्ता घाट पर खुला पड़ा फ्लोटिंग बैरियर, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय लोगों को कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सभी प्रमुख गंगा घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है, लेकिन केवल पुलिस की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था पूरी नहीं मानी जा सकती।

गाजीपुर में डेंजर जोन पार गंगा; पोस्ता घाट पर खुला पड़ा फ्लोटिंग बैरियर, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
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गाजीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। ऐसे संवेदनशील समय में लोगों की सुरक्षा के लिए लगाए गए फ्लोटिंग बैरियर की स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। पोस्ता घाट पर पिछले करीब एक सप्ताह से फ्लोटिंग बैरियर का एक सिरा खुला हुआ है और तेज धारा में झूल रहा है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर गंगा घाटों पर डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए करीब 50 लाख रुपये की लागत से पांच घाटों पर फ्लोटिंग बैरियर लगाए गए हैं। यानी प्रत्येक घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन पोस्ता घाट पर बैरियर का एक सिरा सुरक्षित नहीं होने से पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में है।


स्थानीय लोगों का आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, बैरियर का दूसरा सिरा किसी तरह घाट की सीढ़ियों से बांधकर रखा गया है। जिस फ्लोटिंग बैरियर का उद्देश्य लोगों को गहरे पानी और तेज बहाव से दूर रखना है, वही अब तेज धारा में असुरक्षित स्थिति में दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन को इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक इसे दुरुस्त नहीं कराया गया है।

स्थानीय लोगों को कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सभी प्रमुख गंगा घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है, लेकिन केवल पुलिस की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था पूरी नहीं मानी जा सकती। पोस्ता घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार और गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में गंगा के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच सुरक्षा उपकरणों का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

स्थानीय पुजारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी को फोन के जरिए जानकारी देने का प्रयास भी किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठ सका। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

ऐसे में पोस्ता घाट पर फ्लोटिंग बैरियर के खुले पड़े होने की तस्वीरें प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करती हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर बैरियर को सुरक्षित कराएं और घाटों पर लगाए गए सुरक्षा उपकरणों की जांच कराएं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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