702 दिनों से अस्पताल में भर्ती छात्रा की मौत, बेंगलुरु में लोगों का भड़का गुस्सा, लड़की के परिजनों ने लगाए ये आरोप

11 मार्च, 2020 को दस वर्षीय राचेल प्रिशा, अपने पिता के साथ बाइक पर स्कूल जा रही थी। एक पेड़ की सूखी शाखा अचानक उसके सिर पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसका मणिपाल अस्पताल में इलाज चल रहा था और गुरुवार को उसकी मौत हो गई।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

स्कूल जाते समय सूखे पेड़ की शाखा गिरने से दो साल से अस्पताल में भर्ती एक स्कूली छात्रा की मौत ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। 11 मार्च, 2020 को दस वर्षीय राचेल प्रिशा, अपने पिता के साथ बाइक पर स्कूल जा रही थी। एक पेड़ की सूखी शाखा अचानक उसके सिर पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसका मणिपाल अस्पताल में इलाज चल रहा था और गुरुवार को उसकी मौत हो गई।

लड़की के माता-पिता ने कहा कि घटना के लिए बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अधिकारी जिम्मेदार हैं।

उन्होंने कहा, पेड़ों की सूखी शाखाओं को हटाना बीबीएमपी की जिम्मेदारी है। हालांकि, इस विशेष शाखा के बारे में बार-बार शिकायत करने के बावजूद, बीबीएमपी अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं, जिसके परिणामस्वरूप घातक दुर्घटना हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने अस्पताल का दौरा किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। कुमारस्वामी ने ट्वीट किया, "राचेल के निधन से वास्तव में दुखी हूं। पहले उनसे मिलने गया था और उनके साथ समय बिताया था। मैं उम्मीद कर रहा था कि वह ठीक हो जाएंगी। बीबीएमपी को कम से कम भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकना चाहिए।"


अभिनेता किच्छा सुदीप, जिनकी राचेल प्रिशा एक उत्साही प्रशंसक थी, उन्हेंने उनसे बात की थी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। इस घटना पर जनता की तीखी प्रतिक्रिया हुई है और सोशल प्लेटफॉर्म पर बीबीएमपी की लापरवाही के लिए आलोचना की जा रही है।

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