'ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पूरे इलाके के लिए खतरनाक त्रासदी साबित होगा', जयराम ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
जयराम रमेश ने कहा, "ये परियोजनाएं न सिर्फ वहां की नाज़ुक पारिस्थितिकी को अपूरणीय नुकसान पहुंचाएंगी, बल्कि आदिवासी समुदायों के अस्तित्व को भी योजनाबद्ध तरीके से हाशिए पर धकेलेंगी।"

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर कांग्रेस हमलावर है। इस परियोजना को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र पर निशाना साधा है और इसके पर्यावरणीय प्रभाव पर गहरी चिंता जताई है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह परियोजना पूरे इलाके के लिए एक खतरनाक और दीर्घकालिक त्रासदी साबित होने वाली है।
जयराम रमेश के आरोप
कांग्रेस नेता ने लिखा, "ग्रेट निकोबार जैसे पारिस्थितिक रूप से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में सरकार ने विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की आक्रामक परियोजनाओं को जिस लालच और नासमझी के चलते जल्दबाज़ी से मंजूरी दी है, वह पूरे इलाके के लिए एक ख़तरनाक और दीर्घकालिक त्रासदी साबित होने वाली है।"
जयराम ने कहा, "ये परियोजनाएं न सिर्फ वहां की नाज़ुक पारिस्थितिकी को अपूरणीय नुकसान पहुंचाएंगी, बल्कि आदिवासी समुदायों के अस्तित्व को भी योजनाबद्ध तरीके से हाशिए पर धकेलेंगी।"
उन्होंने आगे कहा, "यह पूरा इलाका पहले से ही जलवायु आपदाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जहां प्राकृतिक संतुलन से जरा-सी भी छेड़छाड़ विनाशकारी परिणाम ला सकती है। इसके बावजूद सरकार ने चेतावनियों, वैज्ञानिक आकलनों और स्थानीय वास्तविकताओं को नजरंदाज करते हुए चंद कॉरपोरेट के मुनाफे के लालच में इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है।"
उन्होंने कहा, "पंकज सेखसरिया द्वारा संकलित “ग्रेट निकोबार: कहानी विश्वासघात की” कई शोधपरक, तथ्यात्मक और प्रासंगिक लेखों के माध्यम से इस पूरे मामले में सरकार की भूमिका, नीतिगत लापरवाहियों और आदिवासी अधिकारों के साथ किए जा रहे समझौतों की समीचीन पड़ताल करती है। यह संकलन इस बात का जीता-जागता दस्तावेज़ी साक्ष्य है कि कैसे विकास के नाम पर एक पूरे क्षेत्र और उसके लोगों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया है।"
ग्रेट निकोबार, निकोबार द्वीपसमूह का सबसे बड़ा और सबसे दक्षिण में स्थित द्वीप है। अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर यहां से 500 किलोमीटर से अधिक दूर है, जबकि फुकेत और सुमात्रा जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्य 500 किलोमीटर के भीतर हैं।