'द केरला स्टोरी' संघ परिवार का प्रोपेगेंडा! विजयन ने कहा- राज्य को सांप्रदायिक रूप से बांटने के लिए बनाई गई ये फिल्म

विजयन ने कहा: फिल्म का केंद्रीय विषय लव जिहाद एक साजिश है जिसे जांच एजेंसियों, अदालत और यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी खारिज कर दिया है।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 'लव जिहाद' पर आधारित जल्द रिलीज होने वाली हिंदी फिल्म 'द केरला स्टोरी' की रविवार को आलोचना की और इसे संघ परिवार का प्रोपेगेंडा बताया। विजयन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि यह फिल्म केरल को बदनाम करने और राज्य को सांप्रदायिक रूप से बांटने के लिए बनाई गई है।

उन्होंने लिखा, फिल्म के ट्रेलर से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि फिल्म ने संघ परिवार के प्रोपेगेंडा को अपनाया है, जो केरल जैसी धर्मनिरपेक्ष भूमि को आतंकवादियों के गढ़ के रूप में स्थापित करता है।

ट्रेलर के अनुसार, फिल्म में सैकड़ों लड़कियों को दिखाया गया है - खासकर हिंदू लड़कियों को, जिनका कथित तौर पर ब्रेनवॉश कर उनका धर्मांतरण किया गया और इसके बाद आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट में भर्ती कर अफगानिस्तान और सीरिया जैसी जगहों पर भेज दिया गया। ट्रेलर के अनुसार, 32,000 हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण कर उन्हें आईएस के अड्डों पर ले जाया गया।


विजयन ने कहा: फिल्म का केंद्रीय विषय लव जिहाद एक साजिश है जिसे जांच एजेंसियों, अदालत और यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी खारिज कर दिया है।

तत्कालीन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद को सूचित किया था कि कोई 'लव जिहाद' नहीं था। किशन रेड्डी अब भी एक केंद्रीय मंत्री हैं। फिर भी अगर उन्होंने 'लव जिहाद' को फिल्म का केंद्रीय विषय बनाया है तो यह दुनिया की सामने केरल की छवि खराब करने की संघ परिवार की हताशा को दशार्ता है।

उन्होंने कहा कि प्रोपेगेंडा फिल्मों का उपयोग करने का एक कारण यह है कि परिवार के राजनीतिक डिजाइन केरल में काम नहीं करते हैं जैसा कि देश के अन्य हिस्सों में होता है। यही कारण है कि वे झूठी कहानियों के माध्यम से केरल में विभाजनकारी नीतियों के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। विजयन ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता झूठ फैलाने, किसी क्षेत्र को सांप्रदायिक बताने और लोगों को बांटने का लाइसेंस नहीं है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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