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साल का दूसरा चंद्रग्रहण आज,148 सालों के बाद गुरु पूर्णिमा के दिन बना महासंयोग, जानें आपके जीवन पर क्या असर पड़ेगा

साल 2019 का दूसरा चंद्रग्रहण आज लग रहा है। इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण का संयोग है, ये संयोग 148 साल के बाद बन रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

साल 2019 का आज दूसरा चंद्रग्रहण लग रहा हैं। बताया जा रहा है कि 148 सालों बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि चंद्रग्रहण गुरु पूर्णिमा के दिन लग रहा है। भारत में चंद्र ग्रहण रात को 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस चंद्रग्रहण को अरुणाचल प्रदेश के कुछ दुर्गम उत्तरी पूर्वी हिस्सों को छोड़ पूरे भारत में देखा जा सकेगा।

साल का दूसरा चंद्रग्रहण आज,148 सालों के बाद गुरु पूर्णिमा के दिन बना महासंयोग, जानें आपके जीवन पर क्या असर पड़ेगा

चंद्रग्रहण लगने का समय

भारत में चंद्रग्रहण 16 जुलाई की रात 1.31 बजे से शुरू होगा और ग्रहण का मध्य तीन बजे से होगा। साथ ही ग्रहण का मोक्ष 4.30 बजे होगा। इस खंड ग्रास चंद्र ग्रहण की पूर्ण अवधि दो घंटे और 59 मिनट की होगी। भारत में चंद्रमा 17 जुलाई की सुबह 5.25 बजे अस्त होगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार चंद्रग्रहण में 9 घंटे पहले से सूतक लग जाता है। इस लिहाज से चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई को दिन में 4.30 बजे से शुरू हो जाएगा।

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इन देशों में दिखेगा असर

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के मुताबिक, हाफ ब्लड मून इक्लिप्स ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका समेत यूरोप के कई हिस्सों में दिखाई देगा। एशिया की बात करें तो भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, सिंगापुर, फिलिपींस, मलेशिया और इंडोनेशिया के साथ ईरान, इराक, तुर्की और सऊदी अरब में भी यह नजारा दिखाई देगा।

चंद्रग्रहण को कैसे देखें?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्रग्रहण को देखने के लिए विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है। चंद्रग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है, इसलिए आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं। यदि आप दूरबीन की मदद से चंद्रग्रहण देखेंगे तो आपको यह खगोलीय घटना बेहद स्पष्ट दिखाई देगी। एशिया के देशों में चांद का 65 फीसद हिस्सा ब्लड रेड कलर में नजर आएगा।

बता दें कि चंद्र ग्रहण के कारण कुछ राशियों के लिए लाभप्रद स्थितियां रहेगी, तो वहीं दूसरी ओर कुछ ग्रहों के लिए चंद्र ग्रहण के परिणाम उलट होंगे।


गौरतलब है कि 2019 का पहला चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था। हालांकि, अमेरिका, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, ग्रेट ब्रिटेन, नार्वे, स्वीडन, पुर्तगाल, फ्रांस और स्पेन में लोग इस अद्भुत नजारे से रूबरू हुए थे।

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Published: 16 Jul 2019, 12:12 PM