राम मंदिर में चोरी सुनियोजित थी, सरकार ने ट्रस्ट में अपने चुने हुए लोग बैठाएः अविमुक्तेश्वरानंद

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि चंपत राय का इस्तीफा दिखावे के लिए था। उन्होंने दावा किया कि किसी ने उनका इस्तीफा नहीं देखा और वह अब भी मंदिर परिसर से काम कर रहे हैं। हाल ही में मीडिया में दिखाया गया कि प्रवेश पास अब भी उनके हस्ताक्षर से जारी किए जा रहे हैं।

राम मंदिर में चोरी सुनियोजित थी, सरकार ने ट्रस्ट में अपने चुने हुए लोग बैठाएः अविमुक्तेश्वरानंद
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राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर छिड़े विवाद के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज बीजेपी के घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट में ‘‘अपने चुने हुए लोगों’’ को बैठाया ताकि चोरी कराई जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) उन्हें (आरोपियों को) क्लीन चिट दे देगा।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सुनियोजित कृत्य

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ संरक्षण को लेकर निकाली जा रही जनजागरण यात्रा के दौरान बहराइच जिले के पयागपुर में मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि मंदिरों का निर्माण और प्रबंधन धार्मिक नेताओं के हाथ में ही होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई आकस्मिक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित कृत्य है।’’

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया, ‘‘मंदिर बनाना धार्मिक नेताओं का काम था लेकिन सरकार ने ट्रस्ट में अपने चुने हुए लोगों को बैठाया ताकि वह अपनी इच्छा के अनुसार काम करा सके। हमारा मानना है कि उन्हें वहां कथित चोरी की सुविधा देने के लिए रखा गया।”


चंपत राय का इस्तीफा केवल दिखावे के लिए

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का इस्तीफा केवल दिखावे के लिए था। उन्होंने दावा किया कि किसी ने उनका इस्तीफा नहीं देखा और वह अब भी मंदिर परिसर से काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया, ‘‘हाल ही में मीडिया में दिखाया गया कि प्रवेश पास अब भी उनके हस्ताक्षर से जारी किए जा रहे हैं।’’

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संत समाज का ट्रस्ट पर से भरोसा उठा

उन्होंने कहा, ‘‘ट्रस्ट का गठन सरकार ने किया है और एसआईटी भी सरकार ने ही बनाई है। ऐसे में कौन किसे सजा देगा? जाहिर है, उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी।’’ शंकराचार्य ने कहा कि संत समाज का ट्रस्ट पर से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘संत समाज ने तय किया है कि अब उसे इस ट्रस्ट पर भरोसा नहीं है। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है।’’


अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर कहा कि जो सरकारें गाय को ‘‘राष्ट्रमाता’’ का दर्जा नहीं देतीं, वे जनता के समर्थन की पात्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक दल गाय के नाम पर वोट मांगते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसे ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें वोट नहीं देंगे जो गाय को ‘राष्ट्रमाता’ के रूप में स्वीकार नहीं करते। जो पार्टियां ऐसा करने से इनकार करती है, उसे जनता को सत्ता से बाहर कर देना चाहिए।’’

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