राफेल सौदा: एयर चीफ मार्शल धनोआ का बयान, ‘एचएएल को सौदे से बाहर रखने का कोई सवाल ही नहीं उठता’

दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने यह स्वीकार किया कि सही मौके पर भारतीय वायुसेना से राफेल डील को लेकर संपर्क किया गया था और वायुसेना ने कुछ विकल्प दिए थे। किसे चुनना है यह सरकार पर निर्भर करता है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने आज दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एक अजीबोगरीब बात कही। उन्होंने राफेल डील पर बोलते हुए कहा कि हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इस सौदे के तहत टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर और लाइसेंसी उत्पादन में शामिल थी और एचएएल को सौदे से बाहर रखे जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। समाचार एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी दी।

गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच हुए इस सौदे में राफेल बनाने वाली फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट ने भारतीय ऑफसेट कंपनी के तौर पर एचएएल की जगह रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को इस सौदे में शामिल कर लिया था। पिछले दिनों फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के हवाले से यह खबर भी आई थी कि ऐसा मोदी सरकार के कहने पर किया गया था। इसे मुद्दे को लेकर देश में लगातार विवाद जारी है और मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां हमलावर हैं।

हालांकि प्रेस कांफ्रेंस में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने यह भी कहा कि यह बहुत अच्छा एयरक्रॉफ्ट है और उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में काफी प्रभावशाली सिद्ध होगा।

एयर चीफ मार्शल ने यह भी स्वीकार किया कि सही मौके पर भारतीय वायुसेना को इस लेकर संपर्क किया गया था और वायुसेना ने कुछ विकल्प दिए थे। किसे चुनना है यह सरकार पर निर्भर करता है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किस आधार पर बीएस धनोआ यह कह रहे हैं कि सौदे से एचएएल को बाहर रखने का सवाल ही उठता, जबकि सामने आए तथ्यों के हिसाब से एचएएल अब इस सौदे का हिस्सा नहीं है।

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Published: 03 Oct 2018, 1:20 PM