इंदौर में मौतें नहीं, हत्याएं हुईं, विजयवर्गीय का इस्तीफा और महापौर पर FIR दर्ज होना चाहिए: जीतू पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की और कहा कि महापौर पर एफआईआर होना चाहिए। जो अधिकारी इसमें शामिल हैं उन पर भी एफआईआर होना चाहिए। इसके साथ गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए।

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर कांग्रेस ने एक बार फिर हमला बोला है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन मौतों को सीधे तौर पर हत्या करार दिया है। उन्होंने मांग की इंदौर की घटना के लिए मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा होना चाहिए और महापौर समेत सभी दोषियों पर एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अधिकारियों के सहारे अपने भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार की ओर से जो बयान आ रहे हैं, वह पूरे घटनाक्रम पर पर्दा डालने की कोशिश है। जहरीला पानी पीने से 15 लोगों की मौत हुई है अगर इसके लिए किसी को दोषी ठहराया जाए तो स्वाभाविक तौर पर इसके लिए सत्ता का अहंकार और भ्रष्टाचार सबसे घातक हथियार है। ये हत्याएं हुई हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा अधिकारियों और महापौर में समन्वय की कमी की बात कहे जाने पर जीतू पटवारी ने निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी अधिकारियों के सहारे अपने भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है। अधिकारी भी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार हैं, बीजेपी नेता अधिकारियों को टारगेट कर रहे हैं, ये अपने पाप को छुपा रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की और कहा कि महापौर पर एफआईआर होना चाहिए। जो अधिकारी इसमें शामिल हैं उन पर एफआईआर होना चाहिए। इसके साथ गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए। जीतू पटवारी ने इंदौर की जरूरत और विकास पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इंदौर जितना टैक्स देता है उसके मुताबिक इस क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर यूथ कांग्रेस ने भी इंदौर की घटना पर विरोध प्रदर्शन किया है। भोपाल की युवा कांग्रेस इकाई ने इंदौर की घटना के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छोटे तालाब के गंदे पानी में नाव पर बैठकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतले को दूषित पानी पिलाया और उसी पानी में पुतले को डुबाकर विरोध जताया।
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