हरियाणा में नहीं लगेगा लॉकडाउन, खट्टर ने कोरोना की गंभीर हालत के लिए दिल्ली पर फोड़ा ठीकरा

हरियाणा में कोरोना की बिगड़ती स्थितियों के बीच सोमवार को भी 6842 मरीज सामने आए हैं। हालात ऐसे हैं कि राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 45 हजार के आंकड़े को पार कर गई है, जबकि 852 मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

फाइल फोटोः ANI
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धीरेंद्र अवस्थी

हरियाणा में आए दिन रिकार्ड तोड़ रहे कोरोना मरीजों के आंकड़ों के लिए राज्य सरकार ने सारी तोहमत दिल्ली पर थोप दी है। खट्टर सरकार का कहना है कि प्रदेश में सर्वाधिक कोरोना के मरीज एनसीआर के जिलों से आ रहे हैं, जिसके लिए दिल्ली जिम्मेदार है। वहीं, कोरोना के बढ़ते मरीजों के बावजूद सरकार ने राज्य में लॉकडाउन नहीं लगाने का फैसला किया है। दूसरी तरफ, यह भी निर्णय हुआ है कि कुंभ से लौट रहे लोगों का बार्डर पर ही कोरोना का टेस्ट करवाया जाएगा।

हरियाणा में कोरोना की बिगड़ती स्थितियों के बीच सोमवार को भी 6842 मरीज सामने आए हैं। हालात ऐसे हैं कि राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या 45 हजार के आंकड़े को पार कर गई है, जबकि 852 मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर है। इनमें से 721 लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, जबकि 131 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। सोमवार को भी कोरोना से 33 लोगों ने जान गंवाई है।

स्वाास्थ्य मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में आज हुई राज्यस्तरीय कोविड निगरानी समिति की पहली बैठक में बिगड़ते हालात की चिंता साफ दिखी। इसलिए फैसला लिया गया कि कुंभ स्नान से लौटने वाले सभी श्रद्धालुओं का हरियाणा के प्रवेश द्वार पर ही कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा। यह भी निर्णय हुआ कि निजी और सरकारी अस्पतालों में जाने वाले खांसी, जुकाम, गला दर्द या बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों का कोविड टेस्ट करवाया जाएगा। इसके साथ ही कोरोना मामलों की बढोतरी के मद्देनजर राज्य के सरकारी अस्पतालों में सर्जरी को बंद कर दिया गया है।

इसके अलावा फैसला किया गया कि हरियाणा के बार्डर पर केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन पर बैठे किसानों की कोरोना जांच और टीकाकरण करने की भी पहल की जाएगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग को राज्य के सभी शहरों और पंचायत विभाग को सभी गांवों को सैनेटाइज करने की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य में मेलों के आयोजनों पर आगामी आदेश तक पाबंदी रहेगी। सभी धार्मिक, राजनैतिक, सामाजिक और पारिवारिक समारोह में इन्डोर में 50 और आउटडोर में अधिकतम 200 लोगों की ही अनुमति होगी। कोरोना कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सख्ती से लागू किया जाएगा। राज्य में लॉकडाऊन नहीं लगाने और मजदूर वर्ग से पलायन न करने की अपील की गई है।

आज की बैठक में कोरोना के गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ‘क्रिटिकल कोरोना केयर सेंटर बनाने और आयुष विभाग के चिकित्सकों का नियंत्रण भी संबंधित जिलों के सिविल सर्जन को देने का फैसला हुआ। ऑक्सीेजन की गंभीर होती स्थिति के मद्देनजर प्रदेश में सभी ऑक्सीजन प्लांटों पर पुलिस और औषधि नियंत्रक प्रशासन को निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी न हो सके।

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