'यह ऑयल क्राइसिस नहीं, कॉरपोरेट प्रोटेक्शन रैकेट है', पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर भड़के कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब तेल कंपनियों ने 7 दिनों तक मुनाफ़ा कमाया तो 7 घंटों में ही क़ीमतें बढ़ा दीं गई और जब जनता को 7 महीनों तक नुकसान उठाना पड़ा तो सरकार चुप्प है।

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। जहां पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपए प्रति लीटर तो वहीं डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम जनता और खासकर मध्यम वर्ग की परेशानियां और भी बढ़ गई हैं।
2026 में क्रूड ऑयल 97 डॉलर प्रति बैरल होने के बावजूद पेट्रोल 103 रुपये प्रति लीटर बिक रहा
उधर, विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और केंद्र सरकार की तेल नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम जनता के बजाय तेल कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही है।
मणिक्कम टैगोर ने अपने पोस्ट में 2014, 2016 और 2026 के कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और पेट्रोल कीमतों की तुलना करते हुए कहा कि 2014 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल थी, तब पेट्रोल 72 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था। वहीं 2016 में क्रूड ऑयल घटकर 27 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, तो पेट्रोल की कीमत 64 रुपये प्रति लीटर रही। उन्होंने दावा किया कि 2026 में क्रूड ऑयल 97 डॉलर प्रति बैरल होने के बावजूद पेट्रोल 103 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
'यह ऑयल क्राइसिस नहीं, कॉरपोरेट प्रोटेक्शन रैकेट है'
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जब 2016 में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई थी, तब केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की और उसे स्थायी रूप से जारी रखा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तेल कंपनियों ने 7 दिनों तक मुनाफ़ा कमाया- तो 7 घंटों में ही क़ीमतें बढ़ा दीं और जब जनता को 7 महीनों तक नुकसान उठाना पड़ा तो सरकार चुप्प है।
अपने पोस्ट में टैगोर ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी जनता के लिए नहीं बल्कि “IOC के बोर्डरूम और अंबानी की रिफाइनरियों” के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने मौजूदा स्थिति को “ऑयल क्राइसिस” नहीं बल्कि “कॉरपोरेट प्रोटेक्शन रैकेट” बताया।
10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
आपको बता दें कि पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों, यात्रियों और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कीमतों में बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। लेकिन अब, राजधानी में पेट्रोल 102.12 रुपए प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।
इससे पहले, 23 मई को कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतें 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतें 91 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई थी। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच पिछले 10 दिन में ईंधन की दरों में यह चौथी बढ़ोतरी है। 15 मई को ही सरकारी तेल कंपनियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ी हुई ऊर्जा कीमतों का बोझ धीरे-धीरे ग्राहकों पर डालना शुरू किया था।
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