कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा, मुंबई में बीएमसी ने शुरू की तैयारी

मुंबई के संरक्षक मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले साल से, हमारे जंबो कोविड देखभाल केंद्रों में कोविड डायलिसिस और मातृ देखभाल की इकाइयां भी हैं। चूंकि वायरस अलग-अलग आयु समूहों को प्रभावित करता है, ऐसे में हमारी प्रतिक्रिया भी सक्रिय रूप से बदलनी चाहिए।

फोटोः सोशल मीडिया
फोटोः सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि इस लहर में बच्चे भी बुरी तरह से चपेट में आ सकते हैं। इसे देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और महाराष्ट्र सरकार मिलकर शहर में बाल चिकित्सा कोविड देखभाल वार्ड स्थापित कर रही है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पिछले हफ्ते राज्य के सभी जिला कलक्टरों और नगरपालिका आयुक्तों को हमले के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे जो मुंबई उपनगरीय जिले के संरक्षक मंत्री हैं, उन्होंने इस संबंध में बीएमसी मेयर किशोरी पेडनेकर, अतिरिक्त नगर आयुक्त संजीव जायसवाल और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा की है। उन्होंने बीएमसी को अगली लहर की आशंका वाले क्षेत्रों में अलग-अलग पीडियाट्रिक कोविड केयर वार्ड बनाने का सुझाव दिया है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले साल से, हमारे जंबो कोविड देखभाल केंद्रों में कोविड डायलिसिस और मातृ देखभाल की इकाइयां भी हैं। जैसा कि वायरस अलग-अलग आयु समूहों को प्रभावित करता है, हमारी प्रतिक्रिया भी सक्रिय रूप से बदलनी चाहिए।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के नवीनतम स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, राज्य के लगभग दो-तिहाई संक्रमणों की रिपोर्ट अब 50 से कम आयु वर्ग में है। कुल मामलों में 22.09 प्रतिशत 31 से 40 साल वर्ग में है, 18.15 प्रतिशत 41 से 50 साल वालों में और 17.51 प्रतिशत संक्रमित 21-30 वर्ष के बीच के हैं।

हालात को देखते हुए मुंबई के पूर्वी उपनगर गोरेगांव में जंबो कोविड केयर सेंटर में बाल चिकित्सा कोविड केयर वार्ड शुरू किया गया है और इसमें 700 बेड जोड़े जाने की उम्मीद है। इसमें नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) और बाल गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) शामिल है, जिसमें संक्रमित बच्चों के पूरे इलाज के लिए 25 बिस्तरों की क्षमता के साथ एक समर्पित बाल चिकित्सा कोविड देखभाल वार्ड शामिल होगा।

इसके अलावा, बीएमसी चार ऑक्सीजन प्लांट बनाने और रेमेडीसविर और टोसीलिजुमाब इंजेक्शन, मास्क, पीपीई किट, आदि जैसी दवाओं के पर्याप्त स्टॉक को बनाए रखने की योजना भी बना रही है। ताकि तीसरी लहर आने पर इसको रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा सकें।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


लोकप्रिय