टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में एक और गिरफ्तारी, 35 हजार रुपये का लालच और हथियारों की गुप्त डिलीवरी का खुलासा
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने समीर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने हमलावरों को पैसे और विदेश में बसने का लालच देने वाली साजिश में अहम भूमिका निभाई थी।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में समीर गिरफ्तार, अनिल पंडित से संपर्क कराने का आरोप।
आरोपियों को पैसे और विदेश में नौकरी का लालच देने की बात सामने आई।
फायरिंग के बाद नेपाल भागने की कोशिश कर रहे तीनों आरोपी कोटा में पकड़े गए।
रैपिडो ने कहा, संबंधित व्यक्ति घटना के दिन ड्राइवर नहीं, ग्राहक था।
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब हरियाणा से समीर नाम के युवक को भी पकड़ा है। आरोप है कि समीर ने हमले में शामिल युवकों की बात अमेरिका में बैठे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित से कराई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पैसे और विदेश में नौकरी का लालच दिया गया था। हथियारों को एक तय और गुप्त जगह पर कचरा पात्र के पास रखे जाने की सूचना मैसेज के जरिए दी गई थी। फायरिंग के बाद तीनों आरोपी नेपाल भागने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोटा में पकड़ लिया।
35 हजार रुपये और विदेश में बसने का लालच
पुलिस की जांच के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर हमले के लिए रेहान उर्फ सुक्का, फूल सिंह और रितिक कुमार को चुना गया था। इस मामले में गिरफ्तार समीर पर आरोप है कि उसने तीनों आरोपियों का संपर्क अनिल पंडित से कराया। रेहान को 35 हजार रुपये और विदेश में बसने का लालच दिया गया था। रितिक कुमार को भी विदेश में अच्छी नौकरी दिलाकर सेटल करने की बात कही गई थी।
रेहान के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और चोरी का मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि रेहान और फूल सिंह ने इससे पहले अमृतसर के एक व्यापारी पर भी फायरिंग करने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी पिस्टल नहीं चली थी। आरोपी करीब एक महीने से मुंबई में रह रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात रितिक कुमार से कराई गई, जिसे मुंबई के रास्तों की जानकारी थी।
ऑनलाइन भेजे जाते थे पैसे, मैसेज से मिलती थी हथियारों की जानकारी
जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, अनिल पंडित आरोपियों के खर्च के लिए विदेश से ऑनलाइन पैसे भेजता था। आरोपी किसी दुकान पर ऑनलाइन भुगतान मंगवाकर उसके बदले नकद रकम ले लेते थे। अनिल पंडित उनसे जग्गी ऐप के जरिए संपर्क करता था। बताया गया है कि इस ऐप पर बातचीत करने के लिए व्यक्ति की पहचान की जरूरत नहीं होती।
हथियारों की व्यवस्था भी कथित तौर पर इसी तरीके से की गई थी। आरोपियों को हथियार देने कोई व्यक्ति सीधे नहीं आया था। इसके बजाय उन्हें मैसेज भेजकर बताया गया कि हथियार एक जगह कचरा पात्र के पास रखे हैं, जहां से उन्हें उठा लेना है। पुलिस को संदेह है कि मुंबई में आरोपियों के कुछ और संपर्क भी हो सकते हैं। इन लोगों की पहचान और भूमिका का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
फायरिंग के बाद नेपाल भागने की थी तैयारी
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग करने के बाद रेहान, फूल सिंह और रितिक कुमार मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में उनकी तस्वीरें भी सामने आईं। आरोपियों की योजना पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से आगे बढ़ने और फिर नेपाल भागने की थी। हालांकि, पुलिस ने राजस्थान के कोटा में ही उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने करीब 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई। अब जांच में आरोपियों के संपर्कों, हथियारों की व्यवस्था और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने पर जोर है।
घटना के दिन ड्राइवर नहीं, ग्राहक था संबंधित व्यक्ति: रैपिडो
इस मामले के बीच रैपिडो ने टाइगर श्रॉफ और उनकी टीम के साथ हुई घटना पर चिंता जताई है। कंपनी ने कहा कि उसे राहत है कि अभिनेता सुरक्षित हैं और वह उनके जल्द ठीक होने की कामना करती है।
मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि मामले से जुड़ा एक व्यक्ति रैपिडो प्लेटफॉर्म पर कैप्टन यानी ड्राइवर के रूप में पंजीकृत था। इस पर कंपनी ने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति 14 अक्टूबर से रैपिडो पर कैप्टन के तौर पर सक्रिय नहीं था। घटना वाले दिन उसने प्लेटफॉर्म की सेवा का इस्तेमाल ड्राइवर के रूप में नहीं, बल्कि ग्राहक के तौर पर किया था।
कंपनी के मुताबिक, गिग इकोनॉमी में लोग एक साथ कई ऐप और प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हो सकते हैं। रैपिडो ने कहा कि वह मामले की जांच में पुलिस और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और मांगी गई जानकारी उपलब्ध करा रही है। कंपनी ने हिंसा और आपराधिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।
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