आज मोदी सरकार के किसानों से माफी मांगने का दिन, 700 प्रदर्शनकारी किसान मारे गए उनसे केंद्र माफी मांगे: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, खेती पर जो टैक्स और जीएसटी जो लगाया है उससे राहत देने का रास्ता क्या है? 700 किसान जो मारे गए हैं उनसे माफी मांगे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी।

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा है केंद्र सरकार ने आज अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, खेती पर जो टैक्स और जीएसटी जो लगाया है उससे राहत देने का रास्ता क्या है? 700 किसान जो मारे गए हैं उनसे माफी मांगे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी। आज केंद्र सरकार के किसानों से माफी मांगने का दिन है। 700 किसान जो प्रदर्शन में मारे गए उनसे केंद्र माफी मांगे। किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया और लखीमपुर खीरी में तो देश के गृह राज्य मंत्री के बेटे और उसके सहयोगियों ने किसानों को अपनी जीप के टायर के नीचे कुचल दिया। इसके बाद मोदी सरकार ने आज अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

सुरजेवाला ने कहा कि अब बारी है किसानों के साथ मजदूरों के साथ मेहनतकशों के साथ मिलकर अपराध की सजा तय करने की जो देश की जनता हर हाल में तय करेगी। जनता को एक अचूक अस्त्र मिल गया है सरकार को परास्त करने का। अब जब उन्होंने देखा कि 62 करोड़ किसानों का ये प्रदर्शन रुकने वाला नहीं, यही से सरकार ने वापसी का रास्ता तय किया। जिस प्रकार से उत्तराखंड में, उत्तरप्रदेश, पंजाब और गोवा में बीजेपी को अपनी हार सामने दिख रही है, इस लिए ये कानून वापस लिए गए। अन्त में लोकतंत्र की जीत हुई।

सुरजेवाला ने कहा कि कृषि कानूनों के वापस होने का जितना श्रेय किसानों के आंदोलन को जाता है उतना ही श्रेय भारतीय जनता पार्टी के उस डर को भी जाता है जिसकी वजह से उनको आशंका थी कि वे 5 राज्यों में चुनाव हार जाएंगे।


इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने भी कहा, पिछले वर्ष सितंबर में संसद में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 1 वर्ष से अधिक समय से देश भर के लाखों किसान भाई सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, सरकार से इन कानूनों को वापस लेने की गुहार लगा रहे थे, बारिश, ठंड, भरी गर्मी में भी वह इस कानूनों के विरोध में सड़कों पर डटे रहे।

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