जम्मू-कश्मीर में हिजबुल का टॉप कमांडर आजाद ललहारी मुठभेड़ में ढेर, एक जवान शहीद, एक घायल

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में एक खतरनाक मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने हिजबुल कमांडर आजाद ललहारी को मार गिराया है। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबल का एक जवान शहीद हो गया है, जबकि एक घायल है। पूर्व कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के बाद ललहारी हिजबुल कमांडर बना था।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

जम्मू और कश्मीर के पुलवामा जिले में आज सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) का शीर्ष कमांडर आजाद ललहारी मारा गया है। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान शुरुआती गोलीबारी में दो जवान घायल हो गए, जिनमें से एक ने श्रीनगर में सेना के बेस अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस ने बताया कि बुधवार को दिन मेंं पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने कमराजीपोरा गांव में संयुक्त अभियान चलाकर आतंकी को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल से बरामद शव की पहचान ललहारी के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि ललहारी, रियाज नाइकू के बाद हिजबुल मुजाहिदिन का मुख्य कमांडर बना था और वह कश्मीर में मोस्ट वांटेड स्थानीय आतंकवादी कमांडर था।

वहीं राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि मारे गए आजाद ललहारी के खिलाफ 6 प्राथमिकी दर्ज थीं। डीजीपी ने कहा कि वह 22 मई को पुलवामा शहर में हेड कांस्टेबल अनूप सिंह की हत्या में भी शामिल था। पुलिस प्रमुख ने कहा कि ललहारी ने हिजबुल के एक ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में शुरुआत की थी, जिसके लिए उसे सार्वजनिक सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। पीएसए नजरबंदी खत्म होने के बाद वह हिजबुल रैंक में शामिल हो गया था।

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों को पुलवामा के कामराजीपोरा गांव के एक बाग में आतंकवादियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद इलाके में आज तड़के तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इसी दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें ललहारी मारा गया। मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल और कुछ ग्रेनेड भी बरामद हुए हैं।

Published: 12 Aug 2020, 5:07 PM
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