महाराष्ट्र में आफत की बारिश: 6 दिनों में अलग-अलग हादसों में 12 लोगों की मौत, जनवरी से अब तक 105 लोगों की गई जान

इन छह दिनों में अन्य मौतें ठाणे और कोल्हापुर में दीवार गिरने और धुले में बाढ़ के पानी में डूबने से हुईं। एसडीएमए ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक राज्य में मौसम संबंधी घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 105 हो गई है।

फोटो: सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र में आठ से 13 जुलाई के बीच बारिश और मौसम संबंधी घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इमारत गिरने की एक घटना में नौ लोगों की मौत

एसडीएमए की राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष पेश रिपोर्ट के अनुसार, पुणे जिले का मोशी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां आठ जुलाई को इमारत गिरने की एक घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और इतने ही लोग घायल हुए।

रिपोर्ट में कहा गया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सेना और स्थानीय दमकल कर्मियों सहित आपातकालीन सेवा कर्मियों ने मलबे से नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

जनवरी 2026 से अब तक105 लोगों की मौत

इसके अनुसार इन छह दिनों में अन्य मौतें ठाणे और कोल्हापुर में दीवार गिरने और धुले में बाढ़ के पानी में डूबने से हुईं। एसडीएमए ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक राज्य में मौसम संबंधी घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 105 हो गई है।


भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्रवार बारिश का वितरण अब भी काफी असमान बना हुआ है।

इन राज्यों में हुई जोरदार बारिश

एक जून से 13 जुलाई के बीच कोंकण, पुणे और नासिक संभागों में 666.30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 30 वर्षों के औसत 543.65 मिलीमीटर से 13 प्रतिशत अधिक है। इसके विपरीत, शेष राजस्व संभागों में सामान्य औसत 247.57 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 178.60 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 28 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।

एसडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, पालघर, मुंबई और पुणे जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि नंदुरबार और हिंगोली जैसे क्षेत्रों में भारी कमी दर्ज की गई।

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि स्थान-आधारित वास्तविक समय चेतावनी प्रणाली का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

मानसून गतिविधियों के तेज होने की संभावना को देखते हुए मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि और सतारा सहित जोखिम वाले क्षेत्रों में एनडीआरएफ की 17 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की छह टीम को पहले से तैनात किया गया है। 500 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज होने के बाद मावल (लोणावाला) और माथेरान के लिए भूस्खलन संबंधी विशेष चेतावनी भी जारी की गई।

आईएमडी ने 14 से 16 जुलाई के बीच महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है जबकि घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। 17 जुलाई को विदर्भ क्षेत्र में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना है। फिलहाल राज्य में कोई रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं है।

एक अलग कल्याणकारी निर्देश में राहत एवं पुनर्वास विभाग ने पंढरपुर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ‘श्री विठ्ठल रखुमाई वारकरी योजना’ के क्रियान्वयन की जानकारी दी।


इस योजना के तहत यात्रा के दौरान दुर्घटना में मारे जाने वाले वारकरियों (भगवान विठ्ठल के श्रद्धालुओं) के परिजनों को तत्काल चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। इसके अलावा स्थायी दिव्यांगता के लिए 2.5 लाख रुपये तक का मुआवजा और अस्पताल में भर्ती रहने के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

लाभार्थियों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों को तत्काल धनराशि निकालने का अधिकार दिया गया है।

सोमवार को पुणे जिले में ‘वारी’ जुलूस के साथ चल रहे एक ट्रक की चपेट में आने से तीन महिला वारकरियों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे।

राज्यभर से वारकरी हर साल आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर सोलापुर जिले के पंढरपुर स्थित भगवान विठ्ठल मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए वार्षिक ‘वारी’ यात्रा करते हैं। इस वर्ष आषाढ़ी एकादशी 25 जुलाई को मनाई जाएगी।

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