लॉकडाउन से तबाह ट्रांसपोर्टरों का धैर्य टूटा, राहत पैकेज नहीं मिलने पर दी चक्का जाम की चेतावनी

सरकार की बेरूखी से नाराज ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में सभी सेक्टर का ध्यान रखा, लेकिन ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को महरूम रखा। सरकार के इस कदम से ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री से जुड़े 20 लाख लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

फोटोः IANS
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आईएएनएस

मोदी सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में राहत नहीं मिलने पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने ट्रकों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने कहा है कि अगर सरकार ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को राहत पैकेज नहीं देती है, तो वे लोग ट्रक नहीं चलाएंगे, जिससे देश में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है।

सरकार की बेरूखी पर नाराजगी जताते हुए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के अध्यक्ष कुलतरण सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दिया है। इसमें सभी सेक्टर का ध्यान रखा गया है, लेकिन ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को इससे महरूम रखा गया। इससे हम लोग निराश हैं। सरकार के इस कदम से ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री से जुड़े 20 लाख लोगों के सामने गंभीर संकट उठ खड़ा हुआ है।

कुलतरण सिंह ने कहा है कि हमने रेस्कयू पैकेज के तहत ईएमआई, टैक्स, मोटर बीमा, नेशनल परमिट, गुड्स टैक्स, ब्याज माफी जैसे तत्काल राहत वाले उपायों की मांग की थी। हम कोरोना काल में ड्राइवरों के लिए जीवन बीमा की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि हमने कोरोना संकट के समय ट्रांसपोर्ट सेवा जारी रखी। आवश्यक चीजों की माल ढुलाई जारी रखी। लेकिन अगर सरकार ने इस स्केटर को रेस्कयू पैकेज नहीं दिया तो ऐसी स्थिति में हम लोग चक्का जाम करने पर मजबूर हो जाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री ने कहा था कि ट्रांसपोर्ट उद्योग ने कभी भी सरकार से सीधे आर्थिक पैकेज की मांग नहीं की थी। इंडस्ट्री का कहना है कि कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन की वजह से 70 फीसदी व्यवसाय कम हो गया है और इस सेक्टर को उबरने में 7-8 महीने का वक्त लगेगा।

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