देश की लोकतांत्रिक, बहुलवादी परंपराओं को तिहरा खतरा, महू रैली से पहले कांग्रेस ने बीजेपी पर बोला हमला
कांग्रेस महू में संविधान की 75वीं वर्षगांठ और का जश्न मनाएगी और साथ ही बाबासाहेब आंबेडकर की विरासत पर हमले के विषय को भी उठाएगी। अभियान के अगले चरण में, जो अगले साल गणतंत्र दिवस तक जारी रहेगा, कांग्रेस 'संविधान बचाओ राष्ट्रीय पद यात्रा' आयोजित करेगी।

कांग्रेस कल मध्य प्रदेश में संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जन्मस्थली महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली का आय़ोजन करने जा रही है। रैली से पहले रविवार को कांग्रेस ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक और बहुलवादी परंपराएं ‘तिहरे खतरे’ का सामना कर रही हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल्यों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सोमवार को मध्य प्रदेश के इस शहर में एक रैली करेगी जो भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली है। इस रैली का उद्देश्य सामाजिक न्याय के मुद्दे को उठाना और संविधान के मुख्य निर्माता के कथित अपमान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को घेरना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और के सी वेणुगोपाल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को रैली में शामिल होना है।
राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ हैं और पिछले सप्ताह कर्नाटक के बेलगावी में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली और दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार में भाग नहीं ले सके थे। वह खरगे के साथ रैली को संबोधित करेंगे जो आंबेडकर के ‘‘अपमान’’ और ‘‘संविधान पर हमले’’ के मुद्दों को देश के हर कोने में ले जाने के पार्टी के 13 महीने के अभियान के पहले चरण का समापन है।
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कल कांग्रेस डॉ. आंबेडकर की ‘‘जन्मभूमि’’ महू में जय बापू, जय भीम, जय संविधान की दूसरी रैली आयोजित करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी और उनकी विरासत ने उस विचारधारा के हमले का सामना किया है जिसने जीवन भर उनका घोर विरोध किया और जिसने उनके हत्यारों को प्रेरित किया। आज भाजपा के सांसद यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें गांधी को गोडसे के बजाय चुनना चाहिए या नहीं। गोडसे का खुलेआम महिमामंडन किया जा रहा है।’’
जयराम रमेश ने कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री संसद में डॉ. आंबेडकर का मजाक उड़ाते हैं। यह भारत के संविधान के प्रति आरएसएस के मनुवादी रवैये को दर्शाता है। 1949 से ही आरएसएस ने संविधान का विरोध किया है क्योंकि संविधान मनुवादी आदर्शों के विपरीत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री संविधान की प्रस्तावना के मूल्यों का उल्लंघन करते हैं, संवैधानिक संस्थाओं को नष्ट करते हैं, और संवैधानिक प्रक्रियाओं और प्रथाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह देश की लोकतांत्रिक और बहुलवादी परंपराओं के लिए एक तिहरा खतरा है। यही कारण है कि कांग्रेस ने 21 जनवरी 2025 को बेलगावी में अपनी पहली जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली की। महू में कल की सभा के बाद यह अभियान जारी रहेगा।’’ रमेश ने मांग की किआरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन पर दिए गए राष्ट्र-विरोधी बयान’’ के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी का ‘‘अपमान’’ किया जा रहा है और आंबेडकर पर ‘‘हमला’’ किया जा रहा है।
रमेश ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की है और संसद में विपक्ष द्वारा आंबेडकर का नाम लेने पर की गई उनकी टिप्पणी के लिए उनसे माफी मांगने को कहा है।वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की इस टिप्पणी को ‘‘राष्ट्र-विरोधी’’ बताया है कि भारत को सच्ची स्वतंत्रता राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन मिली और उनके बयान को लेकर माफी की मांग की है।
कांग्रेस ने कई बार-बार आरोप लगाया है कि दिसंबर में शीतकालीन सत्र के दौरान संविधान पर चर्चा के समय राज्यसभा में शाह की टिप्पणियों से पता चलता है कि बीजेपी और आरएसएस नेताओं में आंबेडकर के लिए ‘‘बहुत नफरत’’ है और उन्होंने उनसे माफी की मांग की। पार्टी के एक परिपत्र में कहा गया है कि महू में रैली संविधान की 75वीं वर्षगांठ और भारत के गणतंत्र की स्थापना का जश्न मनाएगी और इसके साथ बाबासाहेब आंबेडकर की विरासत पर कथित हमले के विषय को भी उठाएगी।
अभियान के अगले चरण में, जो अगले साल गणतंत्र दिवस तक जारी रहेगा, कांग्रेस 'संविधान बचाओ राष्ट्रीय पद यात्रा' आयोजित करेगी। इन यात्राओं के दौरान, "अडानी, संविधान पर हमला, बढ़ती असमानता और मूल्य वृद्धि" जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। कांग्रेस सामाजिक न्याय को अपना केंद्रीय मुद्दा बनाने के लिए जोरदार प्रयास कर रही है। राहुल गांधी बार-बार कांग्रेस की देशव्यापी जाति जनगणना और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने की मांग के बारे में बात करते रहे हैं।
इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में एक रैली में राहुल गांधी ने वादा किया था कि अगर कांग्रेस राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में आती है तो वह जाति सर्वेक्षण कराएगी। उन्होंने कहा था कांग्रेस अपनी राजनीति में स्पष्ट है कि देश में हर कोई समान है। उन्होंने विश्वास जताया था कि ‘‘घृणा पर प्रेम की जीत होगी।’’ उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी कि ‘‘अदाणी और अंबानी जैसे अरबपतियों सब कुछ नियंत्रित करें जबकि गरीब लोग पीड़ित रहें।’’
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