राजनीतिक हिंसा की आग में झुलसा त्रिपुरा, CPM ने BJP पर हमले का आरोप लगाया, येचुरी ने पीएम से की हस्तक्षेप की मांग

सीपीएम के वरिष्ठ नेता पबित्रा कर ने कहा कि योजना के तहत पिछले 48 घंटों में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने गुंडों के साथ राज्य पार्टी मुख्यालय सहित सभी आठ जिलों में कम से कम 55 पार्टी कार्यालयों पर हमला किया और आग लगा दिया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

फोटोः द प्रिंट से साभार
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नवजीवन डेस्क

त्रिपुरा में बुधवार से जारी राजनीतिक झड़पों और आगजनी की एक श्रृंखला के बाद गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। वहीं, गुरुवार को सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी सीपीएम ने इन हमलों के खिलाफ रैलियां निकालीं। इस बीच सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में त्रिपुरा में वाम दलों के खिलाफ राजनीतिक हिंसा को रोकने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

इन हमलों को लेकर त्रिपुरा में सीपीएम के वरिष्ठ नेता पबित्रा कर ने कहा कि पूर्व नियोजित तरीके से पिछले 48 घंटों में गुंडों के साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्य पार्टी मुख्यालय सहित राज्य के सभी आठ जिलों में कम से कम 55 पार्टी कार्यालयों पर हमला किया और आग लगा दी और अगरतला और गोमती में सीटू के प्रधान कार्यालय पर भी हमला किया गया।


पबित्रा कर ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने सीपीएम नेताओं और कार्यकर्ताओं के कई घरों को भी जला दिया, साथ ही छह वाहनों और एक दर्जन से अधिक दोपहिया वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा कि अगरतला और राज्य के अन्य स्थानों में पार्टी के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

त्रिपुरा के पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) अरिंदम नाथ ने कहा कि त्रिपुरा राज्य राइफल्स के अलावा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को राज्य भर में रणनीतिक और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा, "चूंकि सीआरपीएफ के जवान राजनीतिक और भीड़ की हिंसा से निपटने में कुशल हैं, इसलिए हमने राज्य भर में विभिन्न रणनीतिक और संवेदनशील स्थानों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया है।"


पुलिस महानिरीक्षक नाथ ने बताया कि अब तक उदयपुर में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अगरतला में एक व्यक्ति को त्रिपुरा में राजनीतिक हिंसा के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि बुधवार को एक अखबार के कार्यालय (प्रतिबादी कलम) पर हुए हमले से जुड़े मामले को अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।

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