कृषि बिल ऐतिहासिक क्षण तो किसान जश्न क्यों नहीं मना रहे, पीएम मोदी से टीआरएस नेता का सवाल

टीआरएस ने संसद में मोदी सरकार के कृषि विधेयकों का विरोध करते हुए कहा था कि ये देश के कृषि क्षेत्र के साथ बड़ा अन्याय करेंगे। तेलंगाना सीएम और टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव ने कहा था कि इन विधेयकों से कॉर्पोरेट को लाभ होगा और किसानों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

फोटोः सोशल मीडिया
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आईएएनएस

तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष और तेलंगाना के कैबिनेट मंत्री के.टी. रामा राव ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने संसद में कृषि विधेयकों के पारित होने को कृषि क्षेत्र के लिए एक 'ऐतिहासिक क्षण' करार दिया था। रामा राव ने मोदी की टिप्पणी का स्पष्ट उल्लेख करते हुए कहा, "अगर कृषि विधेयक सही मायने में एक ऐतिहासिक क्षण हैं, तो कोई किसान जश्न क्यों नहीं मना रहा है और एनडीए के सहयोगी क्यों इस्तीफा दे रहे हैं?"

इससे पहले रविवार को राज्यसभा में दो कृषि विधेयकों के पारित होने के बाद प्रधानमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए ट्वीट किया था, "भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा, बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे।"

टीआरएस के रामा राव ने सोमवार को पलटवार में ट्वीट कर पीएम मोदी के दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि जब पिछले हफ्ते तेलंगाना विधानमंडल ने किसानों के हित वाला राजस्व विधेयक पारित किया था, तो राज्य भर में कृषक समुदाय के बीच व्यापक रूप से उत्साह और हर्ष था।

वहीं टीआरएस ने संसद में मोदी सरकार के कृषि विधेयकों का विरोध करते हुए कहा था कि ये कानून देश में कृषि क्षेत्र के साथ बहुत अन्याय करेंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस अध्यक्ष के.चंद्रशेखर राव ने कहा था कि इन विधेयकों से कॉर्पोरेट को लाभ होगा और किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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