सीजफायर के बाद ट्रंप का नया धमाका, ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर फोड़ा टैरिफ बम
इससे पहले एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके उस संवर्द्धित यूरेनियम को ‘‘खोदकर निकालने’’ का काम करेगा, जो पिछले साल गर्मियों में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान जमीन में दब गया था।

मिडिल ईस्ट में 40 दिन तक चले तनाव और जंग के असर से जूझ रही दुनिया ने जैसे ही ईरान-अमेरिका सीजफायर की खबर सुनी, तो उनके बीच राहत की उम्मीद जगी। लेकिन इस ऐलान के तुरंत बाद ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान ने सबकी चिंता बढ़ा दी। शांति की उम्मीद करने वालों के सामने एक बार फिर ट्रंप का 'टैरिफ जिन्न' निकलकर सामने आ गया है।
दरअसल ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर बिना किसी छूट के अमेरिका को निर्यात होने वाले सभी सामानों पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, ''जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, अमेरिका को बेचे जाने वाले उसके सभी सामानों पर तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा। इसमें कोई छूट या रियायत नहीं मिलेगी।"
वहीं, इससे पहले एक और पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर उसके उस संवर्द्धित यूरेनियम को ‘‘खोदकर निकालने’’ का काम करेगा, जो पिछले साल गर्मियों में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान जमीन में दब गया था। ट्रंप ने कहा कि ‘‘यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जायेगा’’ और जून में हुए हमलों के बाद से इस सामग्री को छुआ तक नहीं गया है।
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि यदि अमेरिका ईरान के साथ समझौता कर लेता है तो वह जमीन में दबी इस सामग्री को निकाल लेगा और इसके एक बड़ा अभियान होने की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा, ‘‘हम ईरान के साथ शुल्क (टैरिफ) और प्रतिबंधों में राहत के बारे में बातचीत कर रहे हैं।’ हालांकि ईरान ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
वहीं, अमेरिका-ईरान में दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे दुनिया में शांति के लिए बड़ा दिन बताया था। उन्होंने कहा कि ईरान अब इस स्थिति से थक चुका है और वह भी शांति चाहता है, ऐसे में अब तेहरान पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। साथ ही ट्रंप ने ईरान के साथ मिलकर काम करने की बात कही।
ट्रंप ने कहा, "अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा, जिसके बारे में हमने यह तय किया है कि वह एक बहुत ही सफल 'सत्ता परिवर्तन' के दौर से गुजरा है। अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा, और संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, जमीन में बहुत गहराई में दबी हुई सारी परमाणु 'डस्ट' को खोदकर बाहर निकालेगा। यह अभी भी और पहले से ही बहुत ही कड़ी सैटेलाइट निगरानी के तहत है।" ट्रंप ने कहा, "हम ईरान के साथ टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है।"
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