उत्तराखंड में टनल त्रासदी: अब तक 7 लोगों की मौत, कई लापता, कांग्रेस ने जताया शोक, कहा- युद्ध स्तर पर चले बचाव कार्य

खड़गे ने उत्तराखंड के चमोली टनल हादसे पर कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहें, हर घायल व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता मिले, और जान गंवाने वालों के परिवारों को तुरंत और उचित मुआवज़ा दिया जाए।

फोटो: PTI
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उत्तराखंड के चमोली जिले में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और मलबा घुसने से अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है, तीन लापता लोगों की तलाश जारी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि हादसे के समय सुरंग में कुल 22 कर्मचारी मौजूद थे।

इस घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उत्तराखंड के चमोली ज़िले में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर टनल ढहने से हुई जान-माल की दुखद हानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायल हुए कई लोगों के जल्द ठीक होने और अभी भी फंसे हुए सभी लोगों के सुरक्षित बचाव के लिए प्रार्थना करता हूं। 

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहें, हर घायल व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता मिले, और जान गंवाने वालों के परिवारों को तुरंत और उचित मुआवज़ा दिया जाए।


कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उत्तराखंड के चमोली में हुए टनल हादसे में कई मजदूरों की मृत्यु की खबर बेहद पीड़ादायक है। इस हादसे में कई मजदूरों के घायल होने की सूचना भी है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दें और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। कांग्रेस पार्टी की संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की शुक्रवार सुबह नौ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार रात भर चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सुरंग से 19 लोगों को बाहर निकाला गया। लापता लोगों की तलाश जारी है।


अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे मायापुर (पीपलकोटी) स्थित परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। भूस्खलन के कारण सुरंग में पानी और मलबा भर गया था, जिससे वहां काम कर रहे लोग फंस गए थे।

जिलाधिकारी गौरव कुमार घटनास्थल पर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस घटना ने नवंबर 2023 में उत्तरकाशी जिले की निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में हुए हादसे की याद ताजा कर दी। उस समय 12 नवंबर को सुरंग का एक हिस्सा ढहने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से करीब 17 दिन तक व्यापक बचाव अभियान चलाया था। सभी 41 मजदूरों को 28 नवंबर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

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