‘प्रधानमंत्री जी, कई बेटियां आपके मंत्री के चंगुल से छूटकर दुखड़ा सुना रही हैं, फुर्सत मिले तो गौर करिएगा’

हैशटैग मीटू कैंपेन में विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर पर खुलेआम आरोप लगने के बावजूद पीएम मोदी इस मुद्दे पर चुप हैं। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में जब उन्होंने महिला सुरक्षा और बेटियों की बात की तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें आडे़ हाथों ले लिया।

नवजीवन डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे ही कहा कि, “हमारी सरकार ने नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान महिलाओं को आने वाली समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम किया है और इस दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई है।” ट्विटर पर एक एक यूजर ने लिखा, ”सर कुछ बेटियां आपके मंत्री जी एम जे अकबर के चंगुल से निकल कर अपना दुखड़ा सुना रही हैं, हो सके तो गौर फरमाइएगा।”

वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि, ”लेकिन कई यौन उत्पीड़न का आरोपी शख्स अब भी आपकी सरकार में मंत्री है।” दिवेश गर्ग नाम के यूजर ने लिखा, ”क्या एमजे अकबर सिक्यॉरिटी इंचार्ज हैं?”

दरअसल दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के रजत जयंती कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने के सरकार के संकल्प की बात की थी। लेकिन, सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी सरकार में मंत्री एमजे अकबर को लेकर उन्हें निशाना बना लिया।

गौरतलब है कि मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा महिलाओं ने #मीटू आंदोलन के तहत यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। पीएम ने एनएचआरसी के कार्यक्रम में कहा, ”बेटियों के जीवन के अधिकार को लेकर सवाल थे। संकीर्ण सोच रखने वाला समाज का एक वर्ग विचार रखता था कि बेटियों की जरूरत नहीं है और उन्हें गर्भ में मार देना चाहिए। आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि कई राज्यों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन में उन्नति देखी गई है।”

विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर के खिलाफ इंडिया टुडे, द इंडियन एक्सप्रेस और मिंट में काम कर चुकीं प्रिया रमाणी, एशियन एज और अन्य प्रकाशनों में काम कर चुकीं स्वतंत्र पत्रकार कनिका गहलोत, द एशियन एज में काम कर चुकीं सुप्रिया शर्मा, लेखिका शुमा राह, शतापा पॉल और 1994 से 1997 के बीच एशियन एज में काम कर चुकी गजाला वहाब ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

विपक्ष भी एमजे अकबर को पद से हटाने की मांग कर रहा हैं।

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