संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे पर बैठक होना सरकार की कूटनीतिक विफलता, 55-60 सालों में पहली बार ऐसा हुआ: कांग्रेस

कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बैठक को नरेंद्र मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलता करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री को प्रयास करके यह बैठक रद्द करवानी चाहिए।

फोटो: सोशल मीडिया 
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नवजीवन डेस्क

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जम्मू-कश्मीर के विषय पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मं होनी वाले बैठक को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यह बैठक को नरेंद्र मोदी सरकार की कूटनीतिक विफलता है और पीएम मोदी को यह मीटिंग कैंसिल करवाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जो बैठक होने वाली है उससे हम बहुत हैरान हैं। यह पूरे भारत के लिए चिंता का विषय है। इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और यहां कानून में कोई भी बदलाव भारत का आंतरिक मामला है।”


उन्होंने आगे कहा, “55- 60 साल के बाद पहली बार इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश की गई है। हम प्रधानमंत्री से हाथ जोड़कर आग्रह करते हैं कि वह हमारे मित्र देशों के यहां फोन करें और इस बैठक को निरस्त कराएं।”

उन्होंने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन में थे और सरकार के निर्णय के बारे में उन्हें समझा रहे थे जबकि दूसरी ओर चीन ने बैठक के लिए यूएनएससी से संपर्क किया। चीन सरकार ने पाकिस्तान के अनुरोध पर आयोजित बैठक में भाग लिया।

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को बैठक करने जा रही है। पाकिस्तान ने इस मुद्दे को लेकर विश्व निकाय को पत्र लिखा था जिसके बाद यह बैठक हो रही है। पाकिस्तान के करीबी सहयोगी चीन ने परिषद में बंद कमरे में विचार-विमर्श करने के लिए कहा था।

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सुरक्षा परिषद में शामिल चीन को छोड़कर बाकी सभी चारों स्थायी सदस्यों ने प्रत्यक्ष तौर पर नई दिल्ली के इस रुख का समर्थन किया है कि यह विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है। अमेरिका ने भी कहा है कि कश्मीर के संबंध में हालिया घटनाक्रम भारत का आंतरिक मसला है। बुधवार को सीरिया और मध्य अफ्रीका के संबंध में विचार-विमर्श था, लेकिन चीन ने परिषद को पत्र लिखकर पाकिस्तान का मसला लाने का आग्रह किया।

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Published: 16 Aug 2019, 6:59 PM