उत्तराखंड में इसी साल लागू होगा समान नागरिक संहिता, आपदा से जूझ रहे राज्य के मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जितनी जल्दी हो सके समान नागरिक संहिता लाने का हमारा संकल्प है। धामी के मुताबिक जब हमें यूसीसी ड्राफ्ट मिल जाएगा, तो हम इस प्रक्रिया को इस साल आगे बढ़ाएंगे। हम समान नागरिक बिल को राज्य में जल्द से जल्द लागू करेंगे।

उत्तराखंड में इसी साल लागू होगा समान नागरिक संहिता, सीएम धामी ने किया ऐलान
उत्तराखंड में इसी साल लागू होगा समान नागरिक संहिता, सीएम धामी ने किया ऐलान
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नवजीवन डेस्क

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति गरमा सकती है। दरअसल, समान नागरिक संहिता को लेकर सीएम धामी का बयान आया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जितनी जल्दी हो सके समान नागरिक संहिता लाने का हमारा संकल्प है। धामी के मुताबिक जब हमें यूसीसी ड्राफ्ट मिल जाएगा, तो हम इस प्रक्रिया को इस साल आगे बढ़ाएंगे। हम समान नागरिक बिल को राज्य में जल्द से जल्द लागू करेंगे।

खटीमा में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी पर बोलते हुए कहा कि यूसीसी के बारे में हमारा संकल्प है कि हम इसे जल्द लाएंगे। यह हमारे चुनावी मेनिफेस्टो में भी था। हमें जिस काम के लिए जनता ने चुना है, हम अपने वादों को पूरा करेंगे और हम जल्द ही प्रदेश में समान नागरिक बिल को लाएंगे। धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता तैयार करने के लिए मार्च 2022 में कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने आम लोगों से उनकी प्रतिक्रिया और सुझाव मांगे थे।


गौरतलब है कि इस विवादित मुद्दे पर धामी का बयान ऐसे समय आया है, जब राज्य भारी बारिश और भूस्खलन के कारण आई गंभीर आपदाओं से जूझ रहा है। इस साल हुई बारिश से प्रदेश में काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश से हुए नुकसान के अब तक के आकलन के अनुसार आपदा से 1,335 करोड़ रुपये की भारी क्षति हुई है। इसकी क्षतिपूर्ति के दृष्टिगत राज्य आपदा मोचन निधि से 323 करोड़ रुपये की व्यवस्था है। लेकिन शेष एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता के लिए राज्य सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी।

प्रदेश में 15 जून से अब तक मानसून सीजन में हुई भारी वर्षा के कारण जनहानि के साथ ही बड़े पैमाने पर सड़कों, कृषि भूमि, सार्वजनिक संपत्तियों को क्षति पहुंची है। क्षति के मामले में हरिद्वार जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। अभी तक आंकलित की गई 1335 करोड़ रुपये की क्षति में 652 करोड़ का आकलन अकेले हरिद्वार में हुआ है। आपदा से हुई क्षति की भरपाई के दृष्टिगत सरकार ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हाल में कहा था कि मदद के लिए केंद्र से आग्रह किया जाएगा।

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