आदिवासियों को ‘विजय माल्या’ बनने की सलाह देने के बाद मोदी के मंत्री ने मांगी माफी, कहा, मुझसे गलती हो गई 

केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने अपने बयान को लेकर माफी मांगी

आदिवासी लोगों को कड़ी मेहनत नहीं बल्कि स्मार्ट श्रमिक बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने आदिवासी समुदाय को विजय माल्या जैसा बनने का उदाहरण दिया था। मीडिया में खबर आने के बाद अब उन्होंने इस पर माफी मांगी है।

हैदराबाद में अपने भाषण के दौरान आदिवासियों को प्रेरित करने के लिए शराब कारोबारी विजय का उदाहरण देने के बाद केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने अब इस भाषण पर माफी मांगी है। मीडिया में खबर आने के बाद अब केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने कहा, “मैंने गलती से विजय माल्या का नाम लिया। मुझे किसी और का नाम लेना चाहिए था। यह मेरी गलती थी।”

बता दें कि केंद्र सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने आदिवासियों को प्रेरित करने के लिए शराब कारोबारी विजय माल्या से प्रेरित होने की सलाह दी थी। शुक्रवार को जुएल उरांव एक कार्यक्रम में कारोबारी विजय माल्या को स्मार्ट बताते हुए कहा कि आप (आदिवासियों को) सभी का काम सिर्फ हार्ड वर्कर बनने से नहीं चलेगा, आपको स्मार्ट वर्कर बनना पड़ेगा।

उरांव ने कहा कि विजय माल्या ने चाहे कितने भी गलत काम किए हों लेकिन इन सबसे पहले उसने अपने कारोबार को सफल बनाया था। उसकी सफलता प्रेरित करने वाली है। उन्होंने आगे कहा कि विजय माल्या को आप लोग गाली देते हैं, लोकिन कौन है विजय माल्या? वह एक स्मार्ट व्यक्ति है, उसने पहले तो बुद्धिमान लोगों को काम के लिए रखा और बाद में बैंकों, सरकार और राजनीतिज्ञों को आपने प्रभाव में लिया।

उन्होंने आगे कहा कि आपको स्मार्ट बनने से आपको कौन रोकता है? आदिवासियों से किसने कहा है कि सिस्टम पर अपना प्रभाव मत दिखाओ। आपको किसने रोका है कि आप बैंकों को प्रभावित मत करो।

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