भारत में काफी तेजी से हुआ अनलॉक, हिल स्टेशन पर एकाएक बढ़ी भीड़ पर अधिकांश लोगों की राय

सर्वे के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या भारत बहुत जल्दी और काफी तेजी से खुल रहा है, तो इस पर 53.31 प्रतिशत लोगों ने हां में जवाब दिया, जबकि 34.34 प्रतिशत ने कहा कि भारत बहुत तेजी से नहीं खुल रहा है, लेकिन लोग लापरवाह हो रहे हैं।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

भारत के अधिकांश लोगों का मानना है कि देश में अनलॉक की प्रक्रिया बहुत जल्द और काफी तेजी से अमल में लाई गई है। देश के हिल स्टेशनों पर एकाएक बढ़ी भीड़ पर आईएएनएस सी वोटर लाइव ट्रैकर के सर्वे में अधिकांश लोगों ने यह बात कही। बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पर्यटन स्थलों पर भीड़ और लापरवाही को चिंताजनक बताया था, लेकिन उनके बयान का कोई असर नहीं दिख रहा है।

सर्वे के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या भारत बहुत जल्दी और काफी तेजी से खुल रहा है, तो इस पर 53.31 प्रतिशत लोगों ने हां में जवाब दिया, जबकि 34.34 प्रतिशत ने कहा कि भारत बहुत तेजी से नहीं खुल रहा है, लेकिन लोग लापरवाह हो रहे हैं।

अन्य राज्यों के मुकाबले केरल में कोरोना के मामले तेजी से कम नहीं हो रहे हैं। ट्रैकर में एक सवाल यह भी पूछा गया कि क्या केरल भारत में तीसरी कोविड लहर का केंद्र बन सकता है, इस पर 45.97 प्रतिशत लोगों ने हां में जवाब दिया और 35.91 प्रतिशत ने नहीं में जवाब दिया।


यह सर्वे 1314 लोगों के बीच किया गया। सीवोटर न्यूज ट्रैकर का यह सर्वे सभी सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में वयस्क (18 प्लस) उत्तरदाताओं के साक्षात्कार पर आधारित है। ट्रैकर में 45.61 प्रतिशत लोगों ने कहा कि युवा भारत को युवा राजनेताओं और युवा मंत्रिमंडल की जरूरत है, जबकि 41.56 प्रतिशत ने कहा कि भारत को सिर्फ युवा राजनेताओं और युवा कैबिनेट की जरूरत नहीं है, बल्कि युवा और अनुभवी नेताओं के संयोजन की जरूरत है।

सर्वेक्षण में एक सवाल पर कि क्या भारत को सेवानिवृत्त राजनेताओं के बजाय राज्यपाल के रूप में युवा और गतिशील नेताओं की जरूरत है, 51.05 प्रतिशत ने हां में जवाब दिय, जबकि 37.65 प्रतिशत ने कहा कि भारत को राज्यपालों का पद धारण करने के लिए युवा और अनुभवी राजनेताओं के संयोजन की आवश्यकता है।


यह पूछे जाने पर कि क्या भारत को भारतीय कानूनों का पालन नहीं करने के लिए ट्विटर पर कार्रवाई करनी चाहिए, 70 प्रतिशत से अधिक लोगों ने हां में जवाब दिया। वहीं अधिकतर लोग अभी भी मास्क पहनने को लिए जागरुक हैं, क्योंकि सर्वे के दौरान 75.06 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जब वे बाहर जाते हैं तो वे मास्क पहनते हैं, जबकि 18.31 प्रतिशत ने कहा कि वे मास्क नहीं पहनते हैं।

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