उन्नाव केस: पीड़िता के पिता की मौत मामले में सेंगर समेत सभी दोषियों को 10 साल की जेल, लगा जुर्माना

उन्नाव रेप मामले में दोषी बीजेपी के निष्काषित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को पीड़िता की पिता की मौत के मामले में कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 6 अन्य दोषियों को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा सेंगर भाईयों पर 10-10 लाख का जुर्माना भी लगा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के पिता की हत्या के दोषी पाए गए बीजेपी के पूर्व नेता कुलदीप सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। हत्या में दोषी पाए गए 6 अन्य लोगों को भी 10-10 साल की कैद मुकर्रर की गई है। साथ कुलदीप सिंह सेंगर और उसके अतुल सेंगर पर 10-10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट कोर्ट ने जुर्माने की रक़म पीड़िता को देने का आदेश दिया है। बता दें कि मामला 9 अप्रैल 2018 में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत से संबंधित है, जिसमें सेंगर और उसके भाई समेत 7 लोगों को दोषी ठहराया गया था।

इससे पहले गुरुवार को सुनवाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सातों दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। सरकारी वकील ने अदालत से कहा था, “उन्हें अधिकतम सजा दी जानी चाहिए क्योंकि एक निर्दोष व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला गया। उन्होंने एक जघन्य अपराध किया।" वहीं दोषियों के वकील ने सजा कम करने की गुजारिश की थी।

सेंगर ने कोर्ट से कहा था कि वह निर्दोष है और उसे छोड़ दिया जाना चाहिए। सेंगर ने कहा, "मेरा पिछला रिकॉर्ड देखें और मुझे छोड़ दें। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।" एक पुलिस अधिकारी, जिसे इस मामले में दोषी ठहराया गया है, उसने हाथ जोड़कर अदालत से गुहार लगाई थी कि उसका चरित्र हमेशा अच्छा रहा है। उसने कहा था, "मेरे पास घर नहीं है। मेरे बच्चे सड़क पर होंगे।"

जज ने पलटवार करते हुए कहा था, "हर किसी का परिवार होता है। आपको अपराध करते समय इसके बारे में सोचना चाहिए था। आपने सिस्टम का मजाक उड़ाया है।" सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया जैसे कि आपराधिक साजिश, हत्या, सबूतों को गायब करना, उनसे छेड़खानी करना, गलत रिकॉर्ड तैयार करना और किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना और शस्त्र अधिनियम जैसे अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था।

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