एक तरफ उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की मौत, दूसरी तरफ पांचों आरोपी अंधेरी रात में कोर्ट में किए गए पेश

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के भाई ने कहा कि मेरे पास कहने के लिए वास्तव में कुछ भी नहीं है। मेरी बहन अब हमारे साथ नहीं है, मेरी एकमात्र मांग यह है कि पांचों आरोपियों को मौत से कम कोई भी सजा नहीं मिलनी चाहिए।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के निधन के बाद पूरा देश गुस्से में है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। पीड़िता के पिता ने तो दरिदों को हैदराबाद कांड की तरह ही सजा दिए जाने की मांग की है। इस बीच पांचों आरोपियों को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने छुपाते हुए बीती रात कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

वहीं, पीड़िता के भाई का बयान आया है। उन्होंने कहा, “मेरे पास कहने के लिए वास्तव में कुछ भी नहीं है। मेरी बहन अब हमारे साथ नहीं है, मेरी एकमात्र मांग यह है कि पांचों आरोपियों को मौत से कम कोई भी सजा नहीं मिलनी चाहिए।”

पांचों आरोपियों पर पीड़िता को जिंदा जलाने का आरोप है। पीड़िता ने अपने बयान में इन आरोपियों के नाम लिए थे। जमानत पर छूटे रेप के दो आरोपियों ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 5 दिसंबर को उन्नाव के हिन्दुनगर गांव में नाबालिग रेप पीड़िता को जिंदा केरोसिन छिड़कर आग के हवाले कर दिया था। इस दौरान रेप पीड़िता गंभीर रूप से झुलस गई थी। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी और पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से डॉक्टरों ने पीड़िता को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया था।

5 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई के लिए पीड़िता रायबरेली जा रही थी। इस दौरान जमानत पर छूटे दोनों आरोपी रेप पीड़िता को पकड़ कर पास के खेत में ले गए और उसके ऊपर केरोसिन छिड़कर आग के हवाले कर दिया। था।

बताया जा रहा है कि पीड़िता जलने जाने के बाद ममद के लिए करीब एक किलोमीटर तक दौड़ी थी। इसके बाद पीड़िता ने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी थी। इस घटना का एक चश्मदीद भी समाने आया था। चश्मदीद के मुताबिक, जिंदा जलाए जाने के बाद पीड़िता करीब एक किलोमीटर तक दौड़ते हुए उसके पास मदद के लिए पहुंची थी। इसके बाद उसके फोन से पीड़िता ने खुद ही 112 नंबर पर डायल किया और पुलिस को घटना की सूचना दी। पीड़िता से बात के बाद पीआरवी और पुलिस मौके पर पहुंची। उसी दिन पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

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