फर्जी है यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का कार्यक्रम, बोर्ड ने जारी की सफाई, मैसेज वायरल करने वाले पर होगी एफआईआर

उत्तर प्रदेश में बोर्ड की परीक्षाओं का कार्यक्रम अभी तय नहीं है और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ कार्यक्रम फर्जी है। यह बात यूपी बोर्ड ने कही है। बोर्ड ने कहा है कि छात्र इसका संज्ञान न लें। इस कार्यक्रम को वायरल करने वालों पर बोर्ड एफआईआर भी दर्ज कराएगा।

फोटो : सोशल मीडिया
i
user

आईएएनएस

google_preferred_badge

यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा को लेकर एक समय सारणी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कहा है अभी तक कोई परीक्षा कार्यक्रम नहीं जारी किया गया है। यह फर्जी है। पांच जून से परीक्षा कार्यक्रम को देखकर प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के होश उड़ गए। ऐसे में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने मोर्चा संभाला और इसका खंडन करने के साथ ही इसको वायरल करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है।

दरअसल, परीक्षाओं को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग कई विकल्पों पर काम कर रहा है। विभाग के अधिकारी जल्द ही अपना प्रस्ताव सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। मई के अंतिम सप्ताह तक सरकार इस पर निर्णय ले सकती है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार ने सीबीएसई और आइसीएससी की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है। इसके बाद बोर्ड कोविड संक्रमण की स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद जुलाई के पहले हफ्ते तक इंटर की परीक्षा कराने की योजना बना रही है। ऐसे में सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरस कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश के निदेशक माध्यमिक तथा सचिव यूपी बोर्ड, तत्काल ही एक्शन में आ गए। वायरल मैसेज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल इंटरमीडिएट परीक्षा कार्यक्रम 2021 को पांच से 25 जून के मध्य में सम्पन्न कराने का संदेश है। इसके साथ ही इसमें निर्देश है कि कोविड-19 के नियमों को ध्यान मे रखते हुए परीक्षा करायी जाएगी।

यूपी बोर्ड सचिव दिव्य कांत शुक्ल ने कहा कि यह पूरी तरह फर्जी है। यह नितांत ही गलत कृत्य है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आग्रह किया है कि इस फर्जी कार्यक्रम का संज्ञान न लें। इनकी अनदेखी करें। यूपी बोर्ड सचिव ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे। यह भी तय है कि इस तरह की फर्जी सूचना प्रसारित करने वालों पर शीघ्र ही कड़ी कार्रवाई भी होगी।


ध्यान रहे कि यूपी बोर्ड से इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए करीब 56 लाख छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष 28 अप्रैल से होनी थीं। राज्य सरकार ने इसके बाद 15 अप्रैल 2021 को हाईस्कूल और इंटर की परीक्षओं को स्थगित करने का फैसला किया था। सरकार ने यह फैसला राज्य में पंचायत चुनाव की तिथियों में बदलाव और कोरोना संक्रमण को देखते हुए लिया था। 28 अप्रैल के बाद परीक्षा को आठ मई से कराने का कार्यक्रम बना, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया है।

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia