उत्तर प्रदेश: मृतक पुष्पेंद्र यादव के परिजनों से अखिलेश की मुलाकात ने लिया सियासी रंग, पुलिस के हाथ-पांव फूले

झांसी पहुंचने से पहले अखिलेश यादव, पुष्पेंद्र यावद के एनकाउंटर पर राज्य की योगी सरकार और पुलिस को घेर चुके हैं। पुलिस की निंदा करते हुए उन्होंने कहा था कि पुष्पेंद्र को इंसाफ देने के बजाय उलटा उनके परिजनों पर झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को झांसी के करगुआ खुर्द गांव पहुंचकर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजनों से मुलाकात की और ढांढस बंधाया। जैसे ही अखिलेश यादव गांव में पहुंचे ग्रामीण उत्तेजित हो गए और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। ग्रामीण यह मांग करने लगे कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, उन्हें फांसी दी जाए। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। ग्रामीणों को उत्तेजित होता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और बैरिकेड्स लगाकर हालात को काबू में किया।

अखिलेश यादव बुधवार रात को यहां के सर्किट हाउस में रुकेंगे और गुरुवार को यहां से रवाना होंगे। झांसी पहुंचने से पहले अखिलेश यादव, पुष्पेंद्र यावद के एनकाउंटर पर राज्य की योगी सरकार और पुलिस को घेर चुके हैं। पुलिस की निंदा करते हुए उन्होंने कहा था कि पुष्पेंद्र को इंसाफ देने के बजाय उलटा उनके परिजनों पर झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी ने इस एनकाउंटर की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की थी।

समाजादी पार्टी लगातार पुष्पेंद्र यावद के एनकाउंटर के मुद्दे को उठा रही है। इससे पहले पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन भी किया। यही वजह है कि झांसी में प्रशासन को अलर्ट पर है। पुष्पेंद्र के गांव में बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रदर्शन के दौरान शांतिभंग करने के आरोप में पुलिस ने राज्यसभा सांसद चंद्रपाल यादव समेत 39 लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

गौरतलब है कि पुलिस ने शनिवार रात को पुष्पेंद्र यादव पर मोंठ थाने के इंस्पेक्टर पर हमला करने और कार लूटकर भागने का आरोप लगाया था। रविवार को पुलिस एनकाउंटर में पुष्पेंद्र को गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने दावा किया था कि पुष्पेंद्र की कार से दो तमंचे, कारतूस और मोबाइल बरामद किया गया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि पुष्पेंद्र के बाकी के साथी मौके से फरार हो गए। वहीं पुष्पेंद्र के परिजनों का कहना है कि पुष्पेंद्र ने रिश्वत नहीं दी इसलिए पुलिस ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

(आस मोहम्मद कैफ के इनपुट के साथ)

Published: 9 Oct 2019, 7:29 PM
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