उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर शहरों के मुस्लिम नाम बदलने की तैयारी, आजमगढ़ को बदलकर किया जा सकता है आर्यमगढ़

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने ध्रुवीकरण एजेंडे को धार देने के लिए बड़े पैमाने पर शहरों के नाम बदलने की तैयारी कर ली है। अभी हाल में आजमगढ़ में हुई सभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संकेत दिए कि आजमगढ़ का नाम बदलकर आर्यमगढ़ हो सकता है।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

क्या उत्तर प्रदेश सरकार आजमगढ़ का नाम बदलना चाहती है? आखिर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को शहरों का नाम बदलने की हड़बड़ी क्यों रहती है? इस सवाल का जवाब एक बार फिर शुक्रवार को मिला जब आजमगढ़ में एक रैली में योगी आदित्यनाथ ने इशारा किया कि आजमगढ़ का नाम बदला जा सकता है।

ध्यान रहे कि आजमगढ़ समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुलायम सिंह यादव का निर्वाचन क्षेत्र है। योगी आदित्यनाथ ने इशारा किया कि इसका नाम बदलकर आर्यमगढ़ हो सकता है।

आजमगढ़ की शुक्रवार को हुई रैली में योगी ने कहा, “आजमगढ़ के सामने आज पहचान का संकट है। पिछली सरकारों के समय यह संकट बढ़ा है। यहां के लोगों को होटलों में कमरे नहीं मिलते, क्योंकि आजमगढ़ की पहचान तो आतंकवादियों को शरण देने वालों के रूप में स्थापित हो चुकी है। हम इसे अब बदलना चाहते हैं, यहां विश्वविद्यालय बन रहा है। इसलिए अब तय हो चुका है कि निश्चित रूप से आजमगढ़ का नाम अब आर्यमगढ़ हो सकता है।“

योगी ने जब इसका ऐलान किया तो उस समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मंच पर मौजूद थे। आदित्यनाथ ने कहा कि बीजेपी ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद राज्य के कई जिलों और महत्वपूर्ण स्थलों के नाम बदले हैं। ध्यान दिया जाए तो बीते 6 महीने में कई जिलों और शहरों के नाम बदलने की सिफारिशें और चर्चाओं ने जोर पकड़ा है।

आखिर क्यों? इसका जवाब राजनीतिक है कि आखिर सरकार को नाम बदलकर क्या मिलता है। क्या इससे विकास तेज होने लगता है या फिर उस क्षेत्र विशेष के लिए फंड बढ़ जाता है? गौर से देखें तो जिन शहरों और जिलों के नाम बदले गए हैं या बदलने का सुझाव दिया गया है, खासतौर से मुस्लिम नाम हटाकर हिंदू नाम रखना या किसी राजा या शासक के नाम पर करने की होड़ सी लगी है। जाहिर है इससे बीजेपी और योगी के सांप्रदायिक एजेंडे को बल मिलता है। संभवत: वह दिखान चाहते हैं कि उनके हिंदुत्व शासन में हिंदू धर्म का गौरव पुनर्स्थापित हुआ है


मिसाल के तौर पर फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या, मुगलसराय स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय नगर, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर दिया गया है। इसी तरह बदायूं जिले का नाम बदलकर वेदामऊ करने का सुझाव भी सामने आया है।

इससे पहले राज्य सरकार सुलतानपुर का नाम कुश भवनपुर, मिर्जापुर का नाम विंध्यधाम, अलीगढ़ का नाम हरिगढ़, फिरोजाबाद का नाम चंद्रनगर और मैनपुरी का नाम मायन नगर रखने का संकेत दे चुकी है। इसके अलावा गाजीपुर और बस्ती जिले के नाम बदलने की भी चर्चा है।

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