यूपीः योगी राज में ‘ठांय-ठांय’ पुलिस का कमाल, बैलगाड़ी का काटा चालान, फजीहत होने पर किया रद्द

खबरों के मुताबिक घटना बिजनौर के साहसपुर की है, जहां एक बैलगाड़ी का चालान काटकर पुलिस वालों ने बैलगाड़ी मालिक को थमा दिया। हालांकि, बाद में नए मोटर व्हीकल एक्ट में बैलगाड़ी के चालान का प्रावधान न होने की जानाकरी होने पर खुद पुलिस ने चालान को रद्द कर दिया।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

मोदी सरकार द्वारा लागू नये मोटर व्हीकल एक्ट के आने के बाद से चालान काटे जाने के एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं। कभी गाड़ी की कीमत से ज्यादा रकम का चालान काटे जाने का मामला सामने आता है तो कभी इतनी ज्यादा रकम का चालान पुलिस वाले काट देते हैं कि रिकॉर्ड ही बन जाता है। इस नये कानून से जितना आमलोगों को परेशानी हो रही है, उतना ही ज्यादा इसको लेकर लोग मजे भी ले रहे हैं।

अब इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पुलिस ने भी अपना कमाल दिखा दिया है। दरअसल बिजनौर जिले में पुलिस वालों ने साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार या ट्रैक्टर, ट्रक या बस का नहीं, बल्कि एक बैलगाड़ी का चालान काटकर एक अलग तरह का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। जनसत्ता की एक खबर के मुताबिक घटना बिजनौर के साहसपुर की है, जहां एक बैलगाड़ी का चालान काटकर पुलिस वालों ने बैलगाड़ी मालिक को थमा दिया। हालांकि, बाद में नए मोटर व्हीकल एक्ट में बैलगाड़ी के चालान का प्रावधान न होने की जानाकरी होने पर खुद पुलिस ने चालान को रद्द कर दिया।

यूपी पुलिस की इस उपलब्धि का गवाह बने बैलगाड़ी के मालिक रियाज हसन के मुताबिक शनिवार को उन्होंने अपने खेत के बगल में अपनी बैलगाड़ी खड़ी की थी। इसी बीच वहां अपनी पुलिस टीम के साथ गश्त कर रहे सब इंस्पेक्टर पंकज कुमार की नजर बैलगाड़ी पर पड़ी। वहां आसपास किसी नहीं देखकर पुलिस ने ग्रामीणों से बैलगाड़ी के मालिक के बारे में पूछताछ की। ग्रामीणों से ये पता चलने पर कि बैलगाड़ी रियाज की है, पुलिस अधिकारी ने रियाज के नाम से मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 81 के तहत 1 हजार रुपये का चालान काट दिया।

इस पर जब रियाज ने पुलिस अधिकारी से पूछा कि जब उन्होंने अपने ही खेत के बाहर बैलगाड़ी खड़ी की है तो उनका चालान कैसे कट सकता है, तो उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया। बाद में रविवार को रियाज के नाम से काटे गए चालान को पुलिस वालों ने रद्द कर दिया।

वहीं फजीहत से बचने के लिए पुलिस वालों का बचाव करते हुए साहसपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी पीडी भट्ट ने इस मामले पर कहा कि पुलिस टीम इलाके में अवैध खनन की सूचना पर गश्त कर रही थी। पुलिस अधिकारी ने कहा कि चूंकि इलाके में अधिकतर बैलगाड़ी वाले अवैध खनन की रेत ढोने का काम करते हैं, इसलिए पुलिस को लगा की रियाज की बैलगाड़ी भी इसमें शामिल है। पुलिस अधिकारी ने बचाव करते हुए कहा कि पुलिस टीम ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और अन्य अपराधों में अंतर नहीं कर पाई और आईपीसी की धारा की बजाय मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काट दिया।

Published: 16 Sep 2019, 10:35 PM
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