यूपी: गौतमबुद्धनगर में बदला स्कूलों का समय, हीट वेव के चलते बदलाव, आदेश का पालन न होने से अभिभावक परेशान
आदेश के अनुसार, अब जिले के सभी परिषदीय, अशासकीय, राजकीय विद्यालयों और सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी, यूपी बोर्ड सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षाओं का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। यह समय अग्रिम आदेशों तक लागू रहेगा।

दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर जिले में बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) के गंभीर प्रभाव को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने रविवार देर रात स्कूलों के संचालन समय में संशोधन का आदेश जारी किया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी इस कार्यालय आदेश के अनुसार, अब जिले के सभी परिषदीय, अशासकीय, राजकीय विद्यालयों तथा सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी, यूपी बोर्ड सहित सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षाओं का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। यह समय अग्रिम आदेशों तक लागू रहेगा।
हालांकि, रविवार की देर रात जारी इस आदेश का पत्र स्कूलों तक सोमवार सुबह समय पर नहीं पहुंच पाया। ऐसे में अभिभावकों और छात्रों को भारी उलझन का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह कई स्कूलों में अभी भी पुराने समय के अनुसार ही कक्षाएं शुरू हुईं।
अभिभावकों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उन्हें किसी भी माध्यम से समय पर जानकारी नहीं दी गई। एक अभिभावक ने बताया, “बच्चे छोटे हैं, ऐसी गर्मी में नए समय के बारे में कुछ पता नहीं था। हम स्कूल गए तो पता चला कि समय बदल गया है, लेकिन स्कूल प्रशासन भी असमंजस में था।”
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार की ओर से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अत्यधिक तापमान और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए समय में यह बदलाव किया गया है। आदेश की प्रतियां जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, नगर मजिस्ट्रेट, तहसील सदर/दादरी/जेवर के उपजिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक, प्रथम मंडल मेरठ), वित्त एवं लेखाधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त प्रधानाचार्यों को भेजी गई हैं।
बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर संचार की विफलता से अभिभावकों और छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, ऐसे में समय पर आदेश का पालन सुनिश्चित कराना जरूरी है। अभिभावकों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि भविष्य में इस तरह के बदलावों की सूचना व्हाट्सएप, एसएमएस या स्कूलों के माध्यम से पहले ही दे दी जाए।
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