यूपी में आंधी-बारिश का तांडव, 96 लोगों की मौत, बिजली और रेल सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित
उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 96 लोगों की मौत हो गई है। कई जिलों में बिजली, रेल सेवा और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। अलग-अलग जिलों में पेड़ गिरने, बिजली गिरने और हादसों में 96 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा असर वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर मंडल में देखने को मिला, जहां जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
तेज आंधी के कारण कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकान और टीन शेड उड़ गए, जबकि खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। धूल भरी आंधी और बारिश के चलते सड़कों पर आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह यातायात ठप हो गया।
इन जिलों में सबसे ज्यादा मौतें
प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें भदोही, प्रयागराज और मिर्जापुर में दर्ज की गईं। भदोही में 18 लोगों की जान गई, जबकि प्रयागराज में 17 और मिर्जापुर में 15 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा फतेहपुर में 10, उन्नाव और बदायूं में 6-6, प्रतापगढ़ और बरेली में 4-4 लोगों की मौत हुई।
सीतापुर, रायबरेली, चंदौली, कानपुर देहात, हरदोई और संभल में दो-दो लोगों की जान गई, जबकि कौशांबी, शाहजहांपुर, सोनभद्र और लखीमपुर खीरी में एक-एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।
रेल सेवा पर भी पड़ा बड़ा असर
आंधी-तूफान का असर रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ा। फतेहपुर में पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे दिल्ली-हावड़ा रेल रूट करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। कानपुर होकर गुजरने वाली 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं।
प्रयागराज-जौनपुर रेलखंड पर थरवई और सरायचंडी रेलवे स्टेशन के बीच भारी पेड़ गिरने से ट्रेनों का संचालन रुक गया। वहीं, लखनऊ और प्रतापगढ़ रूट पर भी रेल सेवाएं प्रभावित रहीं।
योगी सरकार ने दिए राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुए नुकसान पर अधिकारियों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को मुआवजा देने और राहत कार्य 24 घंटे के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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