यूपी में बारिश का कहर! 10 जिलों में 200 MM से ज्यादा बारिश, 58 मौतें, आज भी ऑरेंज अलर्ट
उत्तर प्रदेश में बारिश से 58 मौतें हुई हैं। रविवार को 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि लखनऊ समेत कई शहरों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित है।

यूपी में बारिश से हुए हादसों में 58 लोगों की मौत, रविवार को भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट।
मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।
लखीमपुर खीरी में 342 MM बारिश, बांदा और हमीरपुर में एक दिन की बारिश का रिकॉर्ड टूटा।
लखनऊ में जलभराव से सड़क, रेलवे स्टेशन और हवाई यातायात प्रभावित हुआ।
उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। तराई, बुंदेलखंड समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई और करीब 10 जिलों में 200 मिलीमीटर से ज्यादा पानी बरसा। बारिश से हुए हादसों में प्रदेश भर में 58 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार सुबह भी लखनऊ और आसपास के जिलों में हल्की बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में फिर भारी बारिश के संकेत दिए हैं।
मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और बरेली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। तराई के 9 अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 27 जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, सोमवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
लखीमपुर खीरी में 342 MM बारिश, कई जिलों में टूटे रिकॉर्ड
शनिवार को लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा 342 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सीतापुर में 273.2, बांदा में 245.6 और बहराइच में 239 मिलीमीटर बारिश हुई। बांदा और हमीरपुर में एक दिन की बारिश का अब तक का रिकॉर्ड टूट गया। हमीरपुर में 210 और बांदा में 245.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कानपुर में 45 साल का रिकॉर्ड टूट गया और वहां 175.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
बारिश का असर तापमान पर भी पड़ा है। कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। बरेली में अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सितंबर के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम है। इटावा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और आगरा में भी सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।
लखनऊ में सड़कें जलमग्न, घरों तक पहुंचा पानी
बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार शाम तक जारी रहा। कई जगह कच्चे मकान ढह गए, पेड़ और बिजली के पोल गिरने से रास्ते बाधित हुए। बिजली के पोल उखड़ने और लाइन टूटने से आपूर्ति भी प्रभावित हुई। राजधानी लखनऊ में कई सड़कें जलमग्न रहीं और कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। पुरनिया ओवरब्रिज के नीचे गड्ढों में पानी भरने से ऑटो और ई-रिक्शा की सवारियां गिर गईं। निशातगंज गली नंबर चार में करीब 150 साल पुराना बरगद गिर गया, जबकि उदयगंज में नालियां पानी में डूबने से एक चार पहिया वाहन फंस गया।
फैजुल्लागंज, जानकीपुरम, इंदिरानगर, अलीगंज और गोमतीनगर समेत कई इलाकों में जलभराव रहा। फैजुल्लागंज में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया। नाले-नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने से भी लोगों को परेशानी हुई। नगर निगम के मुताबिक, शहर में पेड़ गिरने की 125 से ज्यादा घटनाएं हुईं। उत्तर रेलवे अस्पताल परिसर में पेड़ गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और केकेसी के पास छत्ते वाले पुल के आगे पेड़ गिरने से एक कार की विंडस्क्रीन टूट गई। हालांकि, इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई। जोन-1 में 13, जोन-2 में 11, जोन-3 में 10, जोन-4 में 18, जोन-5 में दो, जोन-6 में चार और जोन-7 में 11 पेड़ गिरे।
चारबाग स्टेशन से एयरपोर्ट तक बारिश का असर
बारिश के कारण चारबाग रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में भी जलभराव हो गया। यात्रियों को पानी के बीच से प्लेटफॉर्म तक जाना पड़ा। रेलवे ट्रैक पर पानी आने के कारण लखनऊ मंडल के कई रेलखंडों पर ट्रेनों की गति कम कर दी गई।
भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण शुक्रवार रात लखनऊ एयरपोर्ट आने वाली छह उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। इनमें गोवा से आने वाली 6ई-6811, बंगलूरू से आने वाली 6ई-903 और आईएक्स-1541, हैदराबाद से आने वाली 6ई-6167, दिल्ली से आने वाली 6ई-6479 और इंदौर से आने वाली 6ई-7422 शामिल थीं। इंदौर की उड़ान को नोएडा डायवर्ट किया गया, जबकि बाकी उड़ानों को दिल्ली भेजा गया। शनिवार सुबह सभी विमान लखनऊ लौट आए।
किन जिलों में हुई सबसे ज्यादा मौतें?
बारिश से हुए हादसों में सबसे ज्यादा 26 मौतें अवध क्षेत्र के जिलों में हुईं। सीतापुर में छह, बहराइच में पांच, बलरामपुर और अयोध्या में चार-चार, बाराबंकी में तीन, गोंडा में दो तथा अमेठी और श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। ब्रज क्षेत्र में मैनपुरी में दो और एटा में एक जान गई।
लखीमपुर खीरी में छह, गोरखपुर में पांच, हरदोई में चार, हमीरपुर में तीन और महोबा, बांदा, जौनपुर, संतकबीरनगर, प्रयागराज तथा प्रतापगढ़ में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। कानपुर में दो, जबकि फर्रुखाबाद और फतेहपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई। इस तरह प्रदेश में बारिश से जुड़े हादसों में कुल 58 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
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