राम मंदिर चंदा चोरी पर संग्राम: कांग्रेस का BJP पर हमला, चंपत राय-अनिल को गवाह क्यों बनाया गया, उनकी जांच कब होगी?

जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस मामले में ‘‘बड़े लोगों’’ को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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चंदा चोरी पर संग्राम, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस का केंद्र और यूपी सरकार पर बड़ा हमला!

सवालों के घेरे में ट्रस्ट, 'चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी के बजाय गवाह क्यों बनाया?' , जयराम रमेश

'किसे बचाने की कोशिश?', कांग्रेस का आरोप, आरएसएस, विहिप और बीजेपी से जुड़े 'बड़े लोगों' को बचा रही सरकार!

कांग्रेस ने राम मंदिर में चढ़ावे से कथित चोरी के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को सवाल किया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे ट्रस्ट पदाधिकारियों को आरोपी के बजाय गवाह क्यों बनाया गया तथा ‘‘बड़े जिम्मेदार लोगों’’ की भूमिका की जांच कब होगी।


पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस मामले में ‘‘बड़े लोगों’’ को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे से कथित चोरी के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ तीसरी बार भी आरोप तय नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये पेशी हुई, लेकिन वीडियो फुटेज और ऑडियो उपलब्ध कराने की मांग लंबित है।


कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘राम मंदिर की पूरी वीडियो फुटेज और ऑडियो सामने आने से किसकी पोल खुलेगी?’’ उन्होंने दावा किया कि देश के लोगों के मन में यह संदेह है कि पूरी फुटेज और ऑडियो सामने आने से चढ़ावे की कथित चोरी और ‘‘बड़े लोगों’’ की कथित मिलीभगत से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

जयराम रमेश ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावे की रकम हटाने की 105 घटनाएं सामने आईं तथा वर्ष 2020 में ऑडिट को लेकर चेतावनियां दी गई थीं। उनके मुताबिक, चार जून को कथित चोरी का वीडियो सामने आया और 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने सवाल किया कि अब तक पूरे तंत्र की जवाबदेही क्यों तय नहीं की गई।


जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकारें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और भाजपा से जुड़े लोगों को बचाने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे ट्रस्ट पदाधिकारी आरोपी की बजाय गवाह क्यों हैं? बड़े जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कब होगी? क्या चोरी की जिम्मेदारी सिर्फ आठ कर्मचारियों तक सीमित कर दी जाएगी?’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उनकी पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो तथा ऑडिट संबंधी चेतावनियों, सीसीटीवी फुटेज, वित्तीय लेन-देन और ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर आए चढ़ावे का पूरा हिसाब देश के सामने रखा जाना चाहिए।


जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि राम मंदिर का श्रेय लेने में आगे रहने वाले प्रधानमंत्री अब चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जवाबदेही से पीछे क्यों हट रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘चंदा श्रीराम के नाम पर आया था। हिसाब भी देना होगा और जवाबदेही भी तय करनी होगी। चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए।’’

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