अमेरिका-भारत व्यापार समझौता अपडेट: संशोधित दस्तावेज से व्हाइट हाउस ने 'कुछ दालों' का जिक्र हटाया

संशोधित दस्तावेज में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा जिनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन तथा स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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पीटीआई (भाषा)

अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने अंतरिम व्यापार समझौते पर जारी संशोधित दस्तावेज में उन अमेरिकी उत्पादों की सूची से ‘‘दालों’’ का जिक्र हटा दिया है जिन पर भारत के शुल्क खत्म करने या कम किए जाने की बात कही गई थी।

व्हाइट हाउस ने ‘‘अमेरिका और भारत ने की ऐतिहासिक व्यापार समझौते (अंतरिम समझौता) की घोषणा’’ शीर्षक से एक दस्तावेज (फैक्ट शीट) सोमवार को जारी किया था।

भारत और अमेरिका के पारस्परिक एवं लाभकारी व्यापार से संबंधित अंतरिम समझौते के ढांचे की संयुक्त घोषणा के कुछ दिन बाद व्हाइट हाउस ने इसे जारी किया।

इसमें समझौते की प्रमुख शर्तों को उल्लेख किया गया है जैसे कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, ‘‘कुछ दालें’’, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं।


इसमें साथ ही यह कहा गया था कि भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

व्हाइट हाउस ने हालांकि मंगलवार को जारी संशोधित दस्तावेज (फैक्ट शीट) में ‘दालों’ का जिक्र हटा दिया और भारत के लिए प्रयुक्त शब्द ‘‘प्रतिबद्ध’’ को बदलकर ‘‘इरादा रखता है’’ (इंटेंड्स) कर दिया गया है।

संशोधित दस्तावेज में कहा गया है, ‘‘ भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं व अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा जिनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन तथा स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं। ’’

इसमें कहा गया है, ‘‘ भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने और 500 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद का इरादा रखता है।”


व्यापार समझौते पर पिछले सप्ताह जारी संयुक्त बयान में उन वस्तुओं की सूची में ‘‘दालों’’ का कोई उल्लेख नहीं था जिनपर भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों के लिए शुल्क समाप्त या कम किए जाने की बात कही गई थी।

संयुक्त बयान में कहा गया था, “ भारत अगले पांच वर्ष में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान एवं उसके कलपुर्जे, बहुमूल्य धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है।’’

यह संयुक्त बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद आया। बातचीत के दौरान ‘‘दोनों नेताओं ने पारस्परिक व्यापार पर अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमति जताई और व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।’’

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