योगी सरकार ने एक साथ 25 हजार होमगार्ड्स को किया बेरोजगार, बजट का दिया हवाला

28 अगस्त को मुख्य सचिव की बैठक में होमगार्डों की ड्यूटी खत्म करने का फैसला लिया गया था। बताया जा रहा है कि अब तक 40 हजार होमगार्ड्स की ड्यूटी खत्म की जा चुकी है। नए फैसले के मुताबिक, अब होमगार्ड को 25 दिन के बजाय सिर्फ 15 दिनों की ही ड्यूटी मिलेगी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

देश में आर्थिक मंदी के बीच लोगों का बुरा हाल है। महंगाई चरम पर है। इस बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 25 हजार होमगार्डों की छटनी कर दी है। एडीजी के आदेश के बाद 25 हजार होमगार्ड्स की छुट्टी कर दी गई है। होमगार्डों की छटनी के पीछे सरकार ने बजट का हवाला दिया है। बजट नहीं होने का हवाला देकर होमगार्डों की छटनी की गई है। 25 हजार होमगार्डों को बाहर किए जाने के बाद ड्यूटी करने वाले होमगार्डों की संख्या में 32 प्रतिशत तक की कटौती की गई है।

योगी सरकार ने एक साथ 25 हजार होमगार्ड्स को किया बेरोजगार, बजट का दिया हवाला

खबरों के मुताबिक, 28 अगस्त को मुख्य सचिव की बैठक में होमगार्डों की ड्यूटी खत्म करने का फैसला लिया गया था। बताया जा रहा है कि अब तक 40 हजार होमगार्ड्स की ड्यूटी खत्म की जा चुकी है। यही नहीं नए फैसले के मुताबिक, अब होमगार्ड को 25 दिन के बजाय सिर्फ 15 दिनों की ही ड्यूटी मिलेगी।

योगी सरकार ने एक साथ 25 हजार होमगार्ड्स को किया बेरोजगार, बजट का दिया हवाला

उत्तर प्रदेश में 90 हजार से ज्यादा होमगार्ड्स हैं। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि होमगार्ड विभाग के लिए आवंटित बजट वर्तमान में नहीं बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इसे बढ़ाने के लिए सरकार कदम उठाएगी।

इससे पहले जुलाई के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने होमगार्डों को कांस्टेबल के बराबर न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया था। होमगार्डों के हक में इससे पहले यही फैसला इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी दिया था, जिसे उत्तर प्रदेश की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंच किया था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए होमगार्डों के हक में फैसला सुनाया था, और यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दी थी।

योगी सरकार ने एक साथ 25 हजार होमगार्ड्स को किया बेरोजगार, बजट का दिया हवाला

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की सरकार को दिसंबर, 2016 से भत्ता देने और 8 हफ्ते के भीतर इस संबंध में आदेश जारी करने के लिए भी कहा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने होमगार्डों को नियमति करने से मना कर दिया था। लोकिन कोर्ट ने कहा कि था कि नियमित काम करने वाले होमगार्डों को कांस्टेबल के सामन न्यूनतम भत्ता मिलना ही चाहिए।

Published: 15 Oct 2019, 11:14 AM
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