उत्तराखंड के जोशीमठ में ग्लेशियर फटने के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर, 100-150 लोगों के हताहत होने की आशंका

ग्लेशियर फटने के बाद इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा है। वहीं, घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव के काम में जुटी हुई हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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उत्तराखंड में चमोली जिले के जोशीमठ के तपोवन में ग्लेशियर फटने से भारी तबाही मची है। जो वीडियो और तस्वीरें अब तक सामने आई हैं, उसमे चारों तरफ तबाही का मंजर है। चारों तरफ चीख पुकार मची हुई है। ग्लेशियर फटने के बाद चोमली जिले में बाढ़ से तबाही मची है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि ग्लेशियर फटने के बाद चमोली जिले में बाढ़ से 100-150 लोगों के हताहत होने की आशंका है।

ग्लेशियर फटने के बाद इलाके में बड़े स्तर पर राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा है। वहीं, घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव के काम में जुटी हुई हैं।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के संबंध में मैंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, DG ITBP और DG NDRF से बात की। सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। NDRF की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गई हैं। देवभूमि को हर संभव मदद दी जाएगी।”

गृह मंत्री ने आगे कहा, “NDRF की कुछ और टीमें दिल्ली से एयरलिफ्ट करके उत्तराखंड भेजी जा रही हैं। हम वहां स्थिति को निरंतर मॉनिटर कर रहे हैं।”

एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बाताय, “ग्लेशियर के टूटने से ऋषिगंगा नदी प्रभावित हुई है और बीआरओ द्वारा बनाए जा रहा पुल बाढ़ की चपेट में आया है। ऋषिगंगा परियोजना का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। चमोली, जोशीमठ और अन्य बहाव क्षेत्र प्रभावित होंगे। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें जोशीमठ में पहले से ही तैनात हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम पहले ही देहरादून से जोशीमठप पहुंच चुकी है। हम दिल्ली से देहरादून तक जोशीमठ से 3-4 और टीमों को एयरलिफ्ट कर रहे हैं।”

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Published: 07 Feb 2021, 2:02 PM