मध्यप्रदेश में वैक्सीन का रिकॉर्ड या घोटाला: 13 साल के बच्चे को मिला सर्टिफिकेट, एक ही आधार नंबर पर दर्जनों को लगा टीका

देशभर में शुरु हुए मुफ्त वैक्सीनेशन के पहले दिन यानी 21 जून को मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन की पर्ते और सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में तमाम ऐसे लोगों को वैक्सीन लगने के मैसेज मिल रहे हैं जिन्होंने अभी तक कोई डोज नहीं ली है।

फोटो: Getty Images
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नवजीवन डेस्क

देशभर में शुरु हुए मुफ्त वैक्सीनेशन के पहले दिन यानी 21 जून को मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन की पर्ते और सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में तमाम ऐसे लोगों को वैक्सीन लगने के मैसेज मिल रहे हैं जिन्होंने अभी तक कोई डोज नहीं ली है। ऐसे लोगों में 13 साल के बच्चे भी हैं जो वैक्सीनेशन के लिए अभी उपयुक्त भी नहीं हैं।

ध्यान रहे कि 21 जून को मध्य प्रदेश ने एक ही दिन में करीब 16.93 लाख लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया था और इसकी खूब चर्चा भी हुई थी। उस दिन देश में करीब 84 लाख लोगों को वैक्सीन की डोज दी गई थी। लेकिन मध्य प्रदेश में जिन लोगों को वैक्सीन की डोज देने का दावा किया जा रहा है उनमें 13 साल का एक लड़का भी है, जिसके पिता को उनके मोबाइल पर संदेश मिला है कि उनके बेटे को वैक्सीन की डोज दे दी गई है।

गौरतलब है कि देश की वैक्सीन नीति के मुताबिक अभी सिर्फ व्यस्कों यानी 18 वर्ष या अधिक उम्र के लोगों को ही वैक्सीन दी जानी है। लेकिन 13 साल के बच्चे को वैक्सीन दिए जाने के संदेश से मध्यप्रदेश में वैक्सीनेशन की हकीकत पर सवाल खड़े होने शुरु हो गए हैं। वैसे भी मध्य प्रदेश में वैक्सीनेशन के जो आंकड़े हैं वह काफी अंतर वाले हैं। 21 जून से एक दिन पहले यानी 20 जून को मध्य प्रदेश में सिर्फ 692 लोगों को ही वैक्सीन दी गई थी, इसी तरह 23 जून को राज्य में सिर्फ 4842 लोगों को ही वैक्सीन दी गई। जबकि 21 जून को करीब 17 लाख लोगों को वैक्सीन देने का दावा किया गया। सरकार के इस दावे के बाद बहुत से ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जिनका कहना है कि उन्होंने तो वैक्सीन ली ही नहीं फिर भी उन्हें वैक्सीनेशन के संदेश आ रहे हैं।


जिस 13 साल के बच्चे को वैक्सीन देने की बात सामने आई है वह भोपाल में रहता है। उसके पिता रजत डांगरे का का कहना है कि उनका बेटा तो अभी सिर्फ 13 साल का है, लेकिन 21 जून को शाम को उन्हें संदेश मिला कि उनके बेटे वेदांत को वैक्सीन दी गई है। उन्होंने बताया कि कोविन ऐप से सर्टिफिकेट डाउनलोड करने पर पता चला कि रजिस्ट्रेशन के लिए पेंशन दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया है और उनके बेटे की उम्र 56 साल लिखी है। इस बीच दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 21 जून को महावैक्सीनेशन अभियान के दौरान काफी घालमेल सामने आ रहा है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि, “शिवराज सरकार से कोई काम बिना घोटाले के नहीं होता...”

रिपोर्ट के मुताबिक 555 आधार पर दो-दो और 90 पर तीन-तीन लोगों को वैक्सीन लगाने का दावा किया गया है। इसके अलावा एक कैंप में एक ही आधार नंबर पर 16 लोगों को वैक्सीन दी गई हैं, इनमें से तीन लोग झारखंड, महारष्ट्र और सतना के हैं। दैनिक भास्कर ने करीब 10 हजार लोगों के वैक्सीनेशन डेटा का विश्लेषण किया है। इसमें सामने आया है कि कुल 661 लोगों के आधार नंबर पर 1459 लोगों को वैक्सीन दे दी गई।

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