बिना नक्शा पास हुए ही बन रहा है वाराणसी में फ्लाईओवर, जांच रिपोर्ट में सामने आईं भारी खामियां

वाराणसी में बन रहा फ्लाईओवर बिना नक्शा पास हुए ही बन रहा है। तीन दिन पहले हुए हादसे में कई लोगों की मौत के बाद शुरु हुई जांच की अंतरिम रिपोर्ट में सनसनीखेज़ खामियां सामने आई हैं।

वाराणसी में बन रहा फ्लाईओवर ड्राइंग या डिजाइन की मंजूरी और बीम के लिए तय मानकों की जांच किए बिना ही बन रहा है। साथ ही बीम में कितना कंक्रीट, सीमेंट और रेत इस्तेमाल हो रही है, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। इतना ही नहीं मौके पर इंजीनियरों की मौजूदगी और भारी भरकम बीम को क्रॉस बीम में बांधे बिना ही फ्लाईओवर पर लगाया जा रहा है। ये सारी बातें उस अंतरिम रिपोर्ट में सामने आई हैं, जो वाराणसी हादसे की शुरुआती जांच में बताई गई हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के दो बीम गिरने की जांच रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक राजन मित्तल के अलावा 5 अन्य अधिकारियों को हादसे का जिम्मेदार पाया गया है। राजन मित्तल की कल शाम ही छुट्टी की गई है। मित्तल के अलावा जिन अधिकारियों को रिपोर्ट में जिम्मेदार माना गया है उनमें मुख्य परियोजना प्रबंधक एससी तिवारी, परियोजना प्रबंधक केआर सूदन, पूर्व परियोजना प्रबंधक गेंदालाल, सहायक परियोजना प्रबंधक राजेंद्र सिंह, अवर परियोजना प्रबंधक लाल चंद और राजेश पॉल शामिल हैं।

सरकार ने अंतरिम रिपोर्ट में सामने आए हादसे के कारणों को अन्य परियोजनाओं में न दोहराए जाने का सख्त निर्देश भी दिया है। अंतरिम रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण यह भी है कि कार्यस्थल के आसपास अलर्ट के बाद भी ट्रैफिक रूट नहीं बदला गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाकी बिंदु जो जांच रिपोर्ट में आए हैं, वह इस प्रकार हैं:

  • कॉलम के बीच में ढाली गई बीमों को क्रॉस बीम्स से नहीं बांधा गया और उन्हें बिना किसी सहारे के ऐसे ही रख दिया गया।
  • बीम्स की गुणवत्ता सही है या नहीं, इसका कोई रिकॉर्ड ही उपल्ब्ध नहीं है। यानी फ्लाईओवर में लगने वाले बीम्स बनाने में इस्तेमाल सीमेंट, रेत और ग्रिट या कंक्रीट (बजरपुट) का अनुपात मानक के रूप में था या नहीं, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं है।
  • फ्लाईओवर में इस्तेमाल हो रही बीम्स की गुणवत्ता की जांच परियोजना का कोई अधिकारी नहीं कर रहा है, और बिना जांच के ही बीम्स का इस्तेमाल हो रहा है।
  • बीम्स में इस्तेमाल हो रही कंक्रीट के निर्माण की कोई चेकलिस्ट है ही नहीं, जिससे पता चले कि बीम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मानकों के अनुरूप है या नहीं।
  • इस फ्लाईओवर का डिजाइन या ड्राइंग किसी भी सक्षम विभागीय अधिकारी ने अनुमोदित किया ही नहीं है।
  • जिन अधिकारियों को निर्माणाधीन फ्लाईओवर के निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है, उन्होंने कागजों में निरीक्षण तो किया, लेकिन उन्होंने इसमें क्या पाया, इस पर कोई टिप्पणी नहीं है।
  • जिस इलाके में फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है, वहां के आसपास के इलाके की बैरिकेडिंग नहीं की गई
  • निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे से चलने वाले ट्रैफिक के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई

अंतरिम रिपोर्ट में जिन अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया है उनमें से चार को सस्पेंड किया जा चुका है। उधर इस मामले में एफआईर दर्ज होने के बाद पुलिस ने सेतु निगम में पूछताछ की है। माना जा रहा है कि जिम्मदार अफसरों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। वाराणसी के एसपी (क्राइम) ने गुरुवार को कहा था कि अंतरिम रिपोर्ट में दोषी पाए गए अधिकारियों को पुलिस की अनुमित के बिना वाराणसी छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है.

अंतरिम रिपोर्ट में जिन अधिकारियों को जिम्मेदार माना गया है उनमें से चार को सस्पेंड किया जा चुका है। उधर इस मामले में एफआईर दर्ज होने के बाद पुलिस ने सेतु निगम में पूछताछ की है। माना जा रहा है कि जिम्मदार अफसरों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। वाराणसी के एसपी (क्राइम) ने गुरुवार को कहा था कि अंतरिम रिपोर्ट में दोषी पाए गए अधिकारियों को पुलिस की अनुमित के बिना वाराणसी छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है।

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