उपराष्ट्रपति चुनावः पटना पहुंचे बी सुदर्शन रेड्डी, कांग्रेस नेताओं के साथ तेजस्वी, सहनी ने किया स्वागत, दिया समर्थन

बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है। जिस लोकतंत्र की लोग बात करते हैं, वह यहीं से शुरू हुआ था। रेड्डी ने कहा कि मौजूदा हालात स्पष्ट रूप से बताते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है और यही वजह है कि वह यह प्रस्ताव ठुकरा नहीं सके।

पटना पहुंचे बी सुदर्शन रेड्डी, कांग्रेस नेताओं के साथ तेजस्वी, सहनी ने किया स्वागत, दिया समर्थन
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नवजीवन डेस्क

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उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना पहुंचे। कांग्रेस नेताओं, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी और सीपीआई और सीपीएम के नेताओं ने उनका स्‍वागत किया और अपना समर्थन दिया। इस दौरान रेड्डी ने कहा कि वह उन राजनीतिक दलों के उम्मीदवार हैं जो देश की 63 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मुझे यकीन है कि सुदर्शन रेड्डी संविधान की रक्षा करेंगे और सदन को भी बेहतर ढंग से चलाने का काम करेंगे। लोकतंत्र की जननी उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग लोकतंत्र की जननी से ही लोकतंत्र को खत्म करने का काम कर रहे हैं। हम लोग समाजवादी विचारधारा वाले हैं। हमें लगता है कि सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति पद के लिए सबसे योग्य व्यक्ति हैं।

तेजस्‍वी ने कहा कि धनखड़ ने सदन को चलाया और सक्षम मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से पता चला कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। अब वह बीमार हैं, या उन्हें बीमार कराया गया है, वह तीन लोग ही जानते हैं- दो गुजरात वाले और एक खुद धनखड़ साहब। हमने तो उनका कोई हेल्थ बुलेटिन नहीं देखा है। क्या उन्हें हाउस अरेस्ट तो नहीं करा दिया गया।

वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा, 'मैं सुदर्शन रेड्डी को बधाई देता हूं। देश में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए और लोकतंत्र को बहाल करने के लिए देश में जितने भी एमपी और एमएलए हो, वो अपना समर्थन दें और उन्हें जिताने का काम करें।


वहीं इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है। जिस लोकतंत्र की लोग बात करते हैं, वह यहीं से शुरू हुआ था। रेड्डी ने कहा कि मौजूदा हालात स्पष्ट रूप से बताते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है और यही वजह है कि वह यह प्रस्ताव ठुकरा नहीं सके।

सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रेड्डी ने कहा कि ‘‘मैं यह स्पष्ट कर दूं कि भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल में शामिल होने का मेरा कोई इरादा नहीं है। मैंने न्यायाधीश रहते हुए संविधान की रक्षा की है और यही मेरी शपथ रही है। अब यह सफर मेरे लिए कोई नया नहीं है। मेरी जिम्मेदारी केवल संविधान का पालन करना नहीं, बल्कि उसकी रक्षा करना भी है।’’

उन्होंने कहा कि उन्हें कई उन दलों और निर्दलीय सांसदों का भी समर्थन प्राप्त है जो ‘इंडिया’ गठब्ंधन का हिस्सा नहीं हैं। रेड्डी ने भरोसा जताया कि यह उपराष्ट्रपति चुनाव भारत के हाल के इतिहास में सबसे निष्पक्ष चुनावों में से एक होगा। उन्‍होंने कहा कि‍ मैं यह नहीं मानता कि उपराष्ट्रपति का पद केवल एक राजकीय पद है। यह एक संवैधानिक पद है। राज्यसभा में जो पीठ स्थान पर होते हैं, उसमें वही क्वालिटी होती है, जो एक न्यायाधीश के पद पर बैठने वाले का होता है। रेड्डी ने कहा कि आज मैं इस पवित्र भूमि पर आपसे आशीर्वाद लेने आया हूं।

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